UN: संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने 9/11 हमले के पीड़ितों के लिए व्यक्त की संवेदनाएं, कहा- आप अकेले नहीं हैं
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस (Antonio Guterres) ने रविवार को 9/11 के हमले के पीड़ितों को याद करते हुए कहा कि इस तरह के आतंकवादी हमलों से बचे लोग आतंकवाद विरोधी नीतियों को धरातल पर लागू करने के मामले में नए दृष्टिकोण ला सकते हैं।

न्यूयार्क, एएनआइ। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस (Antonio Guterres) ने रविवार को 9/11 के हमले के पीड़ितों को याद करते हुए कहा कि इस तरह के आतंकवादी हमलों से बचे लोग आतंकवाद विरोधी नीतियों को धरातल पर लागू करने के मामले में नए दृष्टिकोण ला सकते हैं। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख का यह संदेश यूएन का उप महासचिव अमानी मोहम्मद ( Amina Mohammed) ने रविवार को न्यूयार्क में आतंकवाद के पीड़ितों की संयुक्त राष्ट्र वैश्विक कांग्रेस (United Nations Global Congress of Victims of Terrorism) में दिया। एंटोनियो गुटेरेस ने अपने एक ट्वीट में कहा, 'मेरी संवेदनाएं 9/11 में मारे गए लोगों के स्वजनों के साथ-साथ न्यूयॉर्क के सभी लोगों के साथ है। यह शहर मेरे लिए कई सालों से मेरा घर है। यहां पर संयुक्त राष्ट्र की मेजबानी भी मैंने की है और यहां मेरे इतने सारे सहयोगी हैं, जिसे मैं कभी नहीं भूलूंगा।
पीड़ितों के लिए एकजुटता नैतिक जिम्मेदारी
संयुक्त राष्ट्र के उप महासचिव अमानी मोहम्मद ने कहा कि आतंकवाद के पीड़ितों के लिए एकजुटता और समर्थन एक नैतिक जिम्मेदारी है। इसके लिए मानवीय और मानवाधिकार बेहद अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि आज की कांग्रेस केवल पीड़ितों को लाभ पहुंचाने के लिए नहीं है। यह हर जगह आतंकवाद को रोकने और इलको जड़ से खत्म करने के हमारे प्रयासों का एक अनिवार्य हिस्सा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आतंकवाद के पीडितों और बचे लोगों की आवाजों और विचारों को बढ़ाना यह दर्शाता है कि आतंकवादी कभी मजबूत नहीं होंगे और पीड़ित और बचे हुए लोग आतंकवाद विरोधी नीतियों को धरातल पर उतारने के लिए अद्वितीय ज्ञान और नए दृष्टिकोण लाते हैं।
आतंकवाद से कई क्षेत्रों पर पड़ता है असर
उन्होंने कहा, 'आप अपराधियों को न्याय के कटघरे में खड़े करने में मदद करते हैं। आपकी आवाज कट्टरपंथी नैरेटिव का मुकाबला करती है। आज की कांग्रेस आपके साथ खड़े होने और आपके अनुभवों और आपके अमूल्य योगदान को पहचानने का अवसर है।' अमानी ने कहा कि अतंकवाद से गरीबी, राजनीतिक, आर्थिक अस्थिरता और जलवायु परिवर्तन को बढ़ाता है। आतंकवाद से सभी उम्र, लिंग, धर्म, सभी प्रकार के संस्कृतियों के साथ-साथ राष्ट्रीयताओं के लोगों को प्रभावित करता है।
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