India-US Ties: 2009 में 17 प्रतिशत के पास थे बैंक खाते, आज 80 फीसद लोग करते हैं डिजिटल भुगतान- भारतीय राजदूत
अमेरिका में राजदूत तरणजीत सिंह संधू ने कहा कि वर्ष 2009 में भारत में केवल 17 प्रतिशत लोगों के पास बैंक खाते थे। उन्होंने कहा कि उस समय काफी कम संख्या में डिजिटल भुगतान होते थे। उन्होंने कि आज भारत में करीब 80 प्रतिशत लोगों के पास बैंक खाते हैं।

वाशिंगटन, एएनआइ। अमेरिका में भारतीय राजदूत तरणजीत सिंह संधू ने कहा कि वर्ष 2009 में भारत में केवल 17 प्रतिशत लोगों के पास बैंक खाते थे। उन्होंने कहा कि उस समय काफी कम संख्या में डिजिटल भुगतान होते थे। उन्होंने बताया कि उस समय सिर्फ 15 फीसद लोगों ने डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल किया था और सिर्फ 4 प्रतिशत लोगों के पास यूनिक आईडी दस्तावेज था। उन्होंने कि आज भारत में करीब 80 प्रतिशत लोगों के पास बैंक खाते हैं और 80 फीसद लोग डिजिटल भुगतान का उपयोग करते हैं। उन्होंने बताया कि आज के समय में देश में 99 प्रतिशत लोगं के पास यूनिक आईडी हैं। उन्होंने कहा कि आज के समय में ये सब 1.4 अरब लोगों की आबादी वाला देश में है।
भारत में 77,000 से अधिक स्टार्ट-अप
तरणजीत सिंह संधू ने कहा कि हमारे पास स्टार्ट अप के नाम पर कुछ भी नहीं था। बिल्कुल शून्य था, लेकिन आज के समय में भारत में 77,000 से अधिक स्टार्ट-अप हैं और सबसे बड़ी बात कि उनमें से 108 यूनिकार्न का दर्जा रखते हैं। उन्होंने युवा शक्ति पर जोर देते हुए कहा कि भारत की तरह प्रतिभा किसी अन्य देश में नहीं है, क्योंकि देश में 50 प्रतिशत आबादी 25 वर्ष से कम उम्र की युवाओं की है, जो तेज गति से कुशल हो रहे हैं।
इसरो और नासा एक साथ कर रहे काम
राजदूत तरणजीत सिंह संधू ने कहा कि नासा और इसरो मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम और एनआइएसएआर (NISAR) पर साथ काम कर रहे हैं, जो हमें जलवायु परिवर्तन के प्रभावों की निगरानी करने में मदद करेगा। संधू ने कहा कि आज के समय में अमेरिका की तुलना में भारत में अमेरिकन मोबाइल टावरों की संख्या अधिक है। उन्होंने कहा कि कई अमेरिकी कंपनियों के भारत में बड़े अनुसंधान एवं विकास केंद्र हैं।
भारत अमेरिका संबंध पर बोले संधू
तरणजीत सिंह संधू ने कहा कि भारत-अमेरिका संबंध दो-तरफा सड़क है और दोनों के बीच काफी सिंबायोटिक संबंध है। उन्होंने पीएम मोदी का जिक्र करते हुए कहा कि जैसा कि पीएम मोदी ने कहा, 'जिस भारत का हम सपना देखते हैं, वह हमारे सामने है।' यह केवल एक यात्रा है जो हमने शुरू की है, हम अपनी आगे की यात्रा में शामिल होने के लिए अमेरिका जैसे अपने दोस्तों की ओर देखते हैं।

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