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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 22, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

युद्ध, टेक्नोलॉजी और एनर्जी... US विदेश मंत्री रुबियो और जयशंकर में क्या-क्या हुई बात? चीन को कड़ा संदेश

Published: Wed, 22 Jan 2025 08:29 AM (IST)Updated: Wed, 22 Jan 2025 08:43 AM (IST)

विदेश मंत्री एस जयशंकर और अमेरिका के नए विदेश सचिव मार्को रुबियो के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई। डोनाल्ड ट्रंप के ...और पढ़ें

भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मुलाकात की।(फोटो सोर्स: एस जयशंकर)
भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मुलाकात की।(फोटो सोर्स: एस जयशंकर)

HighLights

  1. वॉशिंगटन में विदेश मंत्री स्तर की QUAD मीटिंग भी आयोजित की गई।
  2. दोनों देशों के नेताओं के बीच डिफेंस कॉर्पोरेशन सहित कई मुद्दों पर हुई चर्चा
  3. विदेश मंत्री जयशंकर NSA माइकल वाल्टज से भी मुलाकात की।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ट्रंप शासन 2.0 में विदेश मंत्री स्तर की पहली क्वाड (QUAD) मीटिंग हुई। विदेश मंत्री एस जयशंकर और अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो के बीच द्विपक्षीय बैठक भी हुई। एक घंटे से अधिक समय तक चली इस बैठक में अमेरिका में भारत के राजदूत विनय क्वात्रा भी शामिल थे। बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति पद की शपथ ग्रहण समारोह में विदेश मंत्री एस जयशंकर भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे थे।

दोनों नेताओं के बीच किन मुद्दों पर हुई चर्चा? 

अमेरिका विदेश विभाग की तरफ से कहा गया, विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने वाशिंगटन डीसी में भारतीय विदेश मंत्री सुब्रमण्यम जयशंकर से मुलाकात की।

दोनों नेताओं के बीच क्षेत्रीय मुद्दों और अमेरिका-भारत संबंधों को और गहरा करने के अवसरों, विशेष रूप से महत्वपूर्ण और उभरती टेक्नोलॉजी, डिफेंस कॉर्पोरेशन, एनर्जी और एक स्वतंत्र और खुले भारत-प्रशांत क्षेत्र को आगे बढ़ाने समेत कई विषयों पर चर्चा की। विदेश मंत्री रुबियो ने आर्थिक संबंधों को आगे बढ़ाने और इरेगुलर इमिग्रेशन से संबंधित चिंताओं को दूर करने के लिए भारत के साथ काम करने की ट्रंप प्रशासन की इच्छा पर भी जोर दिया।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मार्को रुबियो के साथ हुई मुलाकात पर अपनी तस्वीरें एक्स हैंडल पर शेयर की। पोस्ट में उन्होंने लिखा, "विदेश मंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के बाद पहली द्विपक्षीय बैठक के लिए सेक्रेटरी रूबियो से मिलकर खुशी हुई।" उन्होंने कहा, "हमने बड़ी द्विपक्षीय साझेदारी की समीक्षा की, जिसके सेक्रेटरी रुबियो प्रबल समर्थक रहे हैं।"

अमेरिका के NSA से भी मिले जयशंकर

इसके अलावा विदेश मंत्री जयशंकर ने अमेरिका के NSA माइकल वाल्टज से भी मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने लिखा, "एनएसए माइकल वाल्ट्ज से फिर से मिलकर बहुत अच्छा लगा। द्विपक्षीय लाभ सुनिश्चित करने और वैश्विक स्थिरता और समृद्धि को बढ़ाने के लिए हमारी दोस्ती को मजबूत करने पर चर्चा की। हम एक सक्रीय और नतीजे निकलने वाले एजेंडे के साथ काम करने के लिए तत्पर हैं।"

क्वाड बैठक में किन मुद्दों पर हुई चर्चा?

क्वाड देशों की मीटिंग के दौरान ऑस्ट्रेलिया और जापान के प्रतिनिधि भी मौजूद थे। मीटिंग की जानकारी देते हुए एस जयशंकर ने बताया कि स्वतंत्र, खुले, स्थिर और समृद्ध इंडो-पैसिफिक सुनिश्चित करने के कई आयामों पर सभी नेताओं के बीच चर्चा की गई।"

विदेश मंत्री ने आगे कहा कि मीटिंग के दौरान बड़ा सोचने, एजेंडे को गहरा करने और सहयोग को तेज करने की जरूरतों पर सहमति हुई। बैठक से यह स्पष्ट संदेश गया है कि अनिश्चित और अस्थिर दुनिया में क्वाड वैश्विक भलाई के लिए एक ताकत बना रहेगा।

गौरतलब है कि अमेरिका विदेश मंत्री मार्को रुबयो ने अपनी पहली द्विपक्षीय मीटिंग भारत के साथ की है। इससे पहले सरकार के नए कार्यकाल में विदेश मंत्री अक्सर कनाडा, मैक्सिको या नाटो देशों के साथ पहली द्विपक्षीय बैठक करते आए हैं।

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