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    जहां डूबा टाइटैनिक, वहीं धीरे-धीरे मौत के आगोश में जा रही पनडुब्बी, 5 लोगों के लिए बची बस 24 घंटे की ऑक्सीजन

    By Nidhi AvinashEdited By: Nidhi Avinash
    Updated: Wed, 21 Jun 2023 04:52 PM (IST)

    Missing Titan Submersible टाइटैनिक का मलबा देखने वाली यात्रा काफी महंगी और खतरे से भरी होती है इसलिए कुछ ही लोग इसको देखने की हिम्मत जुटा पाते हैं। हाल ही में पनडुब्बी टाइटन (Titan submersible missing) पांच यात्रियों को टाइटैनिक का मलबा दिखाने के लिए समुद्र में गई। 18 जून की सुबह 6 बजे सबमर्सिबल (Submersible) को समुद्र में छोड़ा गया था लेकिन तब से इसका कोई अता-पता नहीं है।

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    जहां डूबा टाइटैनिक, वहीं धीरे-धीरे मौत के आगोश में जा रही पनडुब्बी

    नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। Titan Submersible: ठीक 111 साल पहले यानी 14 अप्रैल, 1912 को अटलांटिक महासागर में एक आइसबर्ग (हिमखंड) से टकराने से टाइटैनिक जहाज एक अंधेरे रात के आगोश में डूब गया। टाइटैनिक के डूबने के कई सालो बाद इस जहाज का मलबा न्यूफाउंडलैंड, कनाडा में पाया गया। अब यह जहाज कई मछलियों का घर बन गया है। हालांकि, आप अब भी असली टाइटैनिक देख सकते है।

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    टाइटैनिक का मलबा दिखाने वाली कंपनी ओशनगेट के पास इसका जिम्मा है। इस कंपनी के पास एक छोटी पनडुब्बी या सबमर्सिबल है, जो समुद्र की गहराइयों में उतरकर यात्रियों को टाइटैनिक का मलबा दिखाती है। टाइटैनिक का मलबा दिखाने के लिए पनडुब्बी यात्रियों को समुद्र में 3800 मीटर नीचे ले कर जाती है। यह काफी खतरे से भरा होता है। इसके लिए 2 करोड़ 5 लाख 10 हजार 625 रुपये खर्च करना पड़ता है।

    टाइटैनिक का मलबा देखने गए 5 लोग

    टाइटैनिक का मलबा देखने वाली यात्रा काफी महंगी और खतरे से भरी होती है, इसलिए कुछ ही लोग इसको देखने की हिम्मत जुटा पाते हैं। हाल ही में पनडुब्बी टाइटन पांच यात्रियों को टाइटैनिक का मलबा दिखाने के लिए समुद्र में गई।

    कौन हैं वो 5 यात्री?

    इन पांच यात्रियों में पाकिस्तानी मूल के अरबपति बिजनेसमैन शहजादा दाऊद, उनके बेटे सुलेमान दाऊद, ब्रिटिश अरबपति बिजनेसमैन हामिश हार्डिंद, फ्रेंच नागरिक पॉल आनरी नार्जेलेट और पनडुब्बी संचालित करने वाली कंपनी के चीफ एग्जीक्यूटिव स्टॉकटन रश शामिल हैं। 18 जून की सुबह 6 बजे सबमर्सिबल को समुद्र में छोड़ा गया था, लेकिन तब से इसका कोई अता-पता नहीं है। 45 मिनट के अंदर ही ये लापता हो गई।

    काल बना टाइटैनिक देखना

    इन लोगों की तलाश के लिए अमेरिकी और कनाडा की नौसेना सर्च अभियान चला रही है। खोज अभियान के दौरान अमेरिकी तटरक्षक बल को पानी के भीतर से आवाज सुनाई दी है। कनाडा के पी-3 विमान द्वारा आवाज का पता लगाने के बाद भी बचाव कर्मियों को अभी तक कुछ भी नहीं मिला है, लेकिन तलाश अभियान जारी है। बचाव कर्मी तेजी से अभियान चला रहे हैं क्योंकि जहाज पर 22 जून तक ऑक्सीजन खत्म होने की आशंका है।

    96 घंटे की ऑक्सीजन अब हो रही खत्म

    समय गुजरने के साथ ही सबमर्सिबल में सवार सभी लोग धीरे-धीरे मौत के मुंह में जा रहे है। ओशनगेट के सलाहकार डेविड कॉनकैनन के अनुसार, रविवार को सुबह 6 बजे जब यह सबमर्सिबल समुद्र में छोड़ा गया तो इसमें 96 घंटे ऑक्सीजन की आपूर्ति थी जो अब लगातार कम हो रही है।

    क्या बच पाएगी जान?

    • जब भी कोई जहाज समुद्र के नीचे जाता है तो उसमें एक ध्वनिक उपकरण (acoustic device) लगा रहता है। इसे पिंगर कहते है। इससे निकलवने वाली साउंड और तरंगों के जरिए बचावकर्मी पानी के नीचे जहाज का पता लगा लेते हैं। सवाल है कि क्या टाइटन में यह डिवाइस लगी हुई है?
    • अगर टाइटन के कम्युनिकेशन डिवाइस में दिक्कत हुई तो संपर्क करने में मुश्किलें आ सकती है। सवाल है कि क्या टाइटन का बैलास्ट सिस्टम खराब हो गया है? बैलास्ट सिस्टम के जरिए पनडुब्बी समुद्र के नीचे और ऊपर आता है।
    • अत्याधिक गहराई की वजह से जहाज का पता लगाना काफी मुश्किल हो रहा है।