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    ग्लूकोज के स्तर की निगरानी करेगा स्मार्ट इंसुलिन पैच, आसान होगी मधुमेह रोगियों की जिंदगी

    By Dhyanendra SinghEdited By:
    Updated: Sun, 09 Feb 2020 06:28 PM (IST)

    अमेरिका की नॉर्थ कैरोलिना यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने कहा कि हमारे अग्न्याशय में हार्मोन प्राकृतिक रूप से इंसुलिन का उत्पादन कर शरीर में ग्लूकोज का स्तर बनाए रखते हैं।

    ग्लूकोज के स्तर की निगरानी करेगा स्मार्ट इंसुलिन पैच, आसान होगी मधुमेह रोगियों की जिंदगी

    बोस्टन, प्रेट्र। शोधकर्ताओं ने सिक्के के आकार का एक स्मार्ट पैच बनाया है, जो डायबिटीज यानी मधुमेह के रोगियों के शरीर में ग्लूकोज के स्तर की निगरानी करेगा और जरूरत के मुताबिक इंसुलिन की डिलीवरी भी सुनिश्चित करता है। नेचर बायोमेडिकल इंजीनियरिंग नामक जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक, शरीर में चिपकने वाला यह पैच आकार में एक सिक्के के बराबर है। इसे बनाना भी आसान है और दिन में एक बार इसका प्रयोग किया जा सकता है।

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    अमेरिका की नॉर्थ कैरोलिना यूनिवर्सिटी (UNC) के शोधकर्ताओं ने कहा, 'हमारे अग्न्याशय यानी पैंक्रियाज में हार्मोन प्राकृतिक रूप से इंसुलिन का उत्पादन कर शरीर में ग्लूकोज का स्तर बनाए रखते हैं। ग्लूकोज ऊर्जा का एक ऐसा स्त्रोत है जो मुख्य रूप से हमें फलों से मिलता है।

    डायबिटीज के मरीजों की संख्या 40 करोड़ से ज्यादा

    टाइप-1 डायबिटीज वाले मरीजों का शरीर स्वत: इंसुलिन नहीं बना पता, जबकि टाइप-2 डायबिटीज वाले मरीजों का शरीर अग्न्याशय में बनने वाले इंसुलिन का कुशलता से उपयोग नहीं कर पाता। दुनिया में इन दोनों ही प्रकार के डायबिटीज के मरीजों की तादात 40 करोड़ से ज्यादा है।

    यूएनसी के पूर्व प्रोफेसर और इस अध्ययन के सह-लेखक जेन गु ने कहा, 'हमारा मुख्य लक्ष्य डायबिटीज के मरीजों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाना और उनके स्वास्थ्य को बेहतर बनाना है।' उन्होंने कहा कि नया स्मार्ट पैच किसी व्यक्ति के ब्लड शुगर की लगातार जांच करने और जरूरत पड़ने पर इंसुलिन इंजेक्ट करने की आवश्यकता को दूर करता है। दूसरे शब्दों में कहें तो यह अग्न्याशय के विनियामक कार्य की नकल करने में सक्षम है और इसका उपयोग करना भी आसान है।

    माइक्रोनिडिल में मौजूद होती है खुराक

    शोधकर्ताओं ने कहा, यह पैच शरीर में ब्लड शुगर और ग्लूकोज के स्तर की निगरानी करता है और इसमें इंसुलिन की खुराक बहुत छोटे माइक्रोनिडिल में पहले से लोड होती है, जिसकी लंबाई में एक मिलीमीटर से भी कम होती है। यही निडिल रक्त शर्करा (ब्लड शुगर) का स्तर एक निश्चित सीमा पर पहुंचने के बाद जल्दी से दवा का वितरण करती है। जब ब्लड शुगर का स्तर सामान्य हो जाता है तो पैच के जरिये दवा का डिलीवरी भी खुद ब खुद कम हो जाती है और एक समय के बाद दवा वितरण बंद हो जाता है।

    ओवरडोज के जोखिमों से बचाएगा पैच

    शोधकर्ताओं ने कहा कि इसका एक फायदा यह भी है कि व्यक्ति इंसुलिन की ओवरडोज लेने के खतरे से भी बच सकता है। अत्यधिक मात्रा में इंसुलिन लेने पर ग्लूकोज का स्तर कम हो जाता है और व्यक्ति को दौरे पड़ने के साथ-साथ कोमा में जाने और मृत्यु का जोखिम भी बना रहता है। यूएनसी से इस अध्ययन के सह-लेखक जॉन ब्यूस ने कहा, 'यह स्मार्ट इंसुलिन पैच अगर मानव परीक्षणों में सुरक्षित और प्रभावी साबित होता है तो मधुमेह के रोगी की निगरानी के मामले में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा। 

    पॉलीमर से बनाए जाते हैं माइक्रोनिडिल्स

    अध्ययन में कहा गया है कि पैच में इस्तेमाल किए गए माइक्रोनिडिल्स एक ग्लूकोज-सेंसिंग पॉलीमर से बनाए जाते हैं, जो इंसुलिन से घिरा होता है। पैच को एक बार त्वचा पर लगाने के बाद इसकी सुई त्वचा के नीचे घुस जाती है। यह रक्त शर्करा के स्तर को भी महसूस कर सकती है। शोधकर्ताओं के अनुसार, जब भी ग्लूकोज का स्तर बढ़ता है तो पॉलीमर खुद-ब-खुद इंसुलिन को रिलीज करना शुरू कर देता है।

    मधुमेह रोगियों की संजीवनी

    अमेरिका की मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से इस अध्ययन के सह-लेखक रॉबर्ट लैंगर ने कहा, 'मुझे खुशी है कि हमारी टीम जल्द ही इस स्मार्ट इंसुलिन पैच को वास्तविकता के एक कदम और करीब लाएगी और हम उम्मीद करते हैं कि भविष्य में यह मधुमेह के रोगियों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं होगा।'