वाशिंगटन, प्रेट्र। अमेरिका के साथ संबंधों में आई कड़वाहट को दूर करने के प्रयास में जुटे पाकिस्तान को करारा झटका लगा है। ट्रंप प्रशासन ने पाकिस्तान को यह साफ कर दिया है कि आतंकवाद के खिलाफ जब तक ठोस प्रगति नहीं होती है तब तक उसकी सहायता पर लगी रोक हटने की संभावना नहीं है।

आतंकवाद के खिलाफ जब तक ठोस प्रगति नहीं तब तक मदद पर रोक

अमेरिका दौरे पर गए पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने यहां पर अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपियो और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) जॉन बोल्टन से अलग-अलग मुलाकात की। यह माना गया है कि इन मुलाकातों में कुरैशी से यह कहा गया कि अमेरिका को पाकिस्तान की धरती से संचालित आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई में कोई बदलाव देखने को नहीं मिल रहा है।

संबंधों को सुधारने के प्रयास में जुटे पाकिस्तान से अमेरिका ने दो टूक कहा

ट्रंप प्रशासन यह भी चाहता है कि अफगानिस्तान में 17 साल से जारी संघर्ष को खत्म करने के लिए तालिबान को बातचीत की टेबल पर लाया जाए। इस आतंकी संगठन पर पाकिस्तान का प्रभाव माना जाता है। पोंपियो और कुरैशी के बीच बैठक महज 20 मिनट चली। ह्वाइट हाउस आमतौर पर एनएसए से विदेशी नेताओं की मुलाकातों पर कोई बयान जारी नहीं करता है।

पाकिस्तान पर सख्ती जारी रखेगा अमेरिका

सूत्रों के अनुसार, अमेरिकी पक्ष राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से हाथ मिलाने को लेकर कुरैशी की बयानबाजी से नाखुश है। कुरैशी ने हाल ही में संयुक्त राष्ट्र महासभा से इतर एक लंच के दौरान ट्रंप से हाथ मिलाने को बातचीत करार दिया था।

ट्रंप के आने के बाद बिगड़े रिश्ते

ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद से अमेरिका के साथ पाकिस्तान के संबंध खराब हुए। ट्रंप ने पिछले साल अगस्त में अफगानिस्तान और दक्षिण एशिया पर अपनी नीति की घोषणा करने के दौरान आतंकी संगठनों को सुरक्षित पनाहगाह मुहैया कराने को लेकर पाकिस्तान पर निशाना साधा था। उन्होंने पाकिस्तान को यह चेतावनी भी दी थी कि वह आतंकियों को पनाह देने के चलते बहुत कुछ खो सकता है।

पिछले माह रद हुई सैन्य सहायता

पिछले महीने ट्रंप प्रशासन ने आतंकी संगठनों के खिलाफ पर्याप्त कार्रवाई नहीं करने पर पाकिस्तान को दी जाने वाली 30 करोड़ डॉलर (करीब 2,200 करोड़ रुपये) की सैन्य सहायता रद कर दी थी। 

Posted By: Bhupendra Singh

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