न्‍यूयार्क, एजेंसियां। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को न्‍यूयार्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (United Nations General Assembly, UNGA) के 76वें सत्र को संबोधित किया। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने इशारों ही इशारों में आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान पर करारा हमला बोला। पीएम मोदी ने बिना नाम लिए पाकिस्‍तान पर निशाना साधते हुए कहा कि आज दुनिया के सामने प्रतिगामी सोच और चरमपंथ का खतरा बढ़ता जा रहा है। जो देश आतंकवाद का टूल के तौर पर इस्‍तेमाल कर रहे हैं वह यह बात भूल रहे हैं कि आतंकवाद उनके लिए भी खतरा बनेगा...

बिना नाम लिए पाकिस्‍तान पर बोला हमला 

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि मौजूदा वक्‍त में पूरी दुनिया में चरमपंथ का खतरा बढ़ता जा रहा है। पीएम मोदी ने पाकिस्तान के संदर्भ में कहा कि राजनीतिक हथियार के तौर पर आतंकवाद का इस्तेमाल कर रहे प्रतिगामी सोच वाले देशों को भी समझ लेना चाहिए कि यह उनके लिए भी उतना ही बड़ा खतरा है जितना बाकियों के लिए... सनद रहे कि पाकिस्तान के पड़ोसी देश अक्सर ही उस पर आतंकवादियों को सुरक्षित पनाहगाह मुहैया करने का आरोप लगाते हैं।

आतंकियों का ठिकाना ना बनने पाए अफगानिस्‍तान 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'यह सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है कि अफगानिस्तान की भूमि का आतंकवाद के प्रसार और आतंकी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल न हो। हमें यह भी सुनिश्चित करने की जरूरत है कि अफगानिस्तान की नाजुक स्थिति का कोई देश लाभ न उठा पाए और उसे अपने निहित स्वार्थो के लिए इस्तेमाल न कर सके।' प्रधानमंत्री ने कहा, 'अफगानिस्तान की महिलाओं, बच्चों और अल्पसंख्यकों को मदद की जरूरत है। और हमें यह मदद उपलब्ध कराकर अपना कर्तव्य पूरा करना चाहिए।'

चीन को भी लिया आड़े हाथ

22 मिनट के अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र के संदर्भ में कहा कि महासागर हमारी साझी विरासत हैं। ये अंतरराष्ट्रीय व्यापार की जीवनरेखा भी हैं। हमें विस्तारवाद की दौड़ से उनकी रक्षा करनी चाहिए। नियम आधारित विश्व व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एक सुर में बोलना चाहिए। बता दें कि चीन इस क्षेत्र में अपनी सैन्य उपस्थिति लगातार मजबूत कर रहा है।

चीन और पाक को दिखाया आईना 

पीएम मोदी ने पाकिस्‍तान और चीन को एक साथ आईना दिखाते हुए भारतीय लोकतंत्र की तारीफ की। पीएम मोदी ने कहा कि ये भारत के लोकतंत्र की ताकत है कि एक छोटा बच्चा जो कभी एक रेलवे स्टेशन पर चाय की दुकान पर अपने पिता की मदद करता था वो आज चौथी बार भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर UNGA को संबोधित कर रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि लोकतंत्र की हमारी हज़ारों वर्षों की महान परंपरा रही है। हमारी विविधता ही हमारे सशक्त और चमकदार लोकतंत्र की पहचान है।

जब बजीं तालियां

प्रधानमंत्री मोदी ने सात साल से अधिक के कार्यकाल में चौथी बार संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया। उनके भाषण में तीन मुद्दों पर महासभा में मौजूद नेताओं ने तालियां बजाईं। जब उन्होंने भारत में लोकतंत्र की मजबूती का जिक्र करते हुए अपना उदाहरण दिया। जब उन्होंने करोना वैक्सीन का जिक्र करते हुए दुनियाभर के वैक्सीन निर्माताओं को आमंत्रित किया। फिर जब उन्होंने अफगानिस्तान के हालात का जिक्र किया।

पाकिस्‍तान आग भड़काने वाला मुल्‍क

इससे पहले संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने कश्मीर का राग अलापा था। इमरान के बयान पर भारत ने अपने जवाब देने के अधिकार का प्रयोग करते हुए कहा कि पाकिस्तान एक ऐसा देश है जहां आतंकी बेरोक-टोक आवाजाही करते हैं। पाकिस्‍तान आग को भड़काने वाला मुल्‍क है जो मौजूदा वक्‍त में आग बुझाने वाले के रूप में पेश करने का दिखावा करता है। पाकिस्‍तान आतंकवादियों को पालता है। उसकी इसी नीतियों के चलते पूरी दुनिया को नुकसान उठाना पड़ रहा है।

पूरी दुनिया भुगत रही खामियाजा

भारत ने कहा कि ओसामा बिन लादेन जैसे खूंखार आतंकवादियों को पनाह देने वाले पाकिस्तान की नीतियों का खामियाजा पूरी दुनिया को भुगतना पड़ा है। संयुक्त राष्ट्र में भारत की प्रथम सचिव स्नेहा दुबे ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में शुक्रवार को कहा, 'पाकिस्तान के नेता द्वारा भारत के आंतरिक मामलों को विश्व मंच पर लाने और झूठ फैलाकर इस प्रतिष्ठित मंच की छवि खराब करने के एक और प्रयास के प्रत्युत्तर में हम जवाब देने के अपने अधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं।'

आग लगाने वाला मुल्‍क है पाकिस्‍तान

युवा भारतीय राजनयिक ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें सत्र में एक बार फिर कश्मीर का राग अलापने पर पाकिस्तान की निंदा करते हुए कहा, 'इस तरह के बयान देने वालों और झूठ बोलने वालों की सामूहिक तौर पर निंदा की जानी चाहिए। ऐसे लोग अपनी मानसिकता के कारण सहानुभूति के पात्र हैं। 'दुबे ने कहा, 'हम सुनते आ रहे हैं कि पाकिस्तान 'आतंकवाद का शिकार' है। जबकि यह वह देश है जिसने खुद आग लगाई है और आग बुझाने वाले के रूप में खुद को पेश करता है।'

भारत की खरी-खरी

  • भारत के खिलाफ सीमा पार आतंकवाद को रोकने के लिए ईमानदारी से काम करे पाकिस्तान -पाकिस्तान आतंकियों का खुले तौर पर समर्थन करता है, उन्हें प्रशिक्षण देता है, धन मुहैया कराता है और हथियार देता है
  • संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा प्रतिबंधित सर्वाधिक आतंकवादियों को रखने का घटिया रिकार्ड पाकिस्तान के पास- पाकिस्तान में भय के साये में जीने और राज्य प्रायोजित दमन के शिकार हैं अल्पसंख्यक सिख, हिंदू, ईसाई समुदाय के लोग
  • पाकिस्तान के नेतृत्व द्वारा यहूदी-विरोधीवाद को सामान्य बताया जाता है और इसे उचित भी ठहराया जाता है - भारत अल्पसंख्यकों की पर्याप्त आबादी वाला एक बहुलवादी लोकतंत्र है
  • भारत में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्य न्यायाधीशों सहित सर्वोच्च पदों पर अल्पसंख्यकों ने कार्य किया है- भारत स्वतंत्र मीडिया और स्वतंत्र न्यायपालिका वाला देश है जो हमारे संविधान पर नजर रखते हैं और उसकी रक्षा करते हैं।

जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्‍न हिस्‍सा था, है और रहेगा

स्नेहा दुबे ने कहा पाकिस्तान आतंकवादियों को इस उम्मीद में पालता है कि वे केवल अपने पड़ोसियों को नुकसान पहुंचाएंगे। क्षेत्र और वास्तव में पूरी दुनिया को उनकी नीतियों के कारण नुकसान उठाना पड़ा है। दुबे ने दृढ़ता से दोहराया कि समूचे केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर और लद्दाख 'हमेशा भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा थे, हैं और रहेंगे। इसमें वे क्षेत्र भी शामिल हैं जो पाकिस्तान के अवैध कब्जे में हैं। हम पाकिस्तान से उसके अवैध कब्जे वाले सभी क्षेत्रों को तुरंत खाली करने का आह्वान करते हैं।'

पाक में खुलेआम घूमते हैं आतंकी

संयुक्त राष्ट के मंच का दुरुपयोग खेदजनक भारतीय राजनयिक दुबे ने कहा, 'यह खेदजनक है और यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान के नेता ने मेरे देश के खिलाफ झूठ फैलाने और दुष्प्रचार के लिए संयुक्त राष्ट्र के मंच का 'दुरुपयोग' किया है और दुनिया का ध्यान अपनी ओर से हटाने का भरसक प्रयास किया है। उनके देश में जहां आतंकवादी बेरोक टोक खुलेआम आ जा सकते हैं, जबकि आम लोगों विशेष रूप से अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों का जीवन इसके उलट हो जाता है।'

ओसामा बिन लादेन को दी थी शरण

उन्होंने कहा कि भारत, पाकिस्तान समेत सभी पड़ोसियों से सामान्य संबंध चाहता है। पाकिस्तान के लिए लादेन 'शहीद'इस महीने अंतरराष्ट्रीय समुदाय भीषण 9/11 आतंकी हमलों के 20 साल पूरा होने पर घटना को याद कर रहा है। दुबे ने कहा कि दुनिया यह नहीं भूली है कि 'उस भयावह घटना के लिए जिम्मेदार मुख्य साजिशकर्ता ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान में शरण मिली थी। आज भी, पाकिस्तानी नेतृत्व उसे 'शहीद' के रूप में महिमामंडित करता है।'