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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 02, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मिडिल ईस्ट में B-52 बम वर्षक और मिसाइल डिस्ट्रॉयर तैनात करेगा अमेरिका, ईरान हो सकता है निशाना

Published: Sat, 02 Nov 2024 08:02 AM (IST)Updated: Sat, 02 Nov 2024 10:21 AM (IST)

मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ता जा रहा है। इजरायल में भी ईरान के हमले को लेकर अलर्ट है। इस बीच ...और पढ़ें

अयातुल्ला खामेनेई और जो बाइडन। (फाइल फोटो)
अयातुल्ला खामेनेई और जो बाइडन। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. पश्चिम एशिया में तनाव के बीच यूएस का बड़ा कदम।
  2. क्षेत्र में नौसेना के विध्वंसक विमानों को करेगा तैनात।
  3. कहा- ईरान के हर हमले का जवाब देगा अमेरिका।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मध्य पूर्व में ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव की वजह से अब अमेरिका ने इस इलाके में बमवर्षक विमान, लड़ाकू फाइटर प्लेन और नौसेना के विमानों को भेजने का आदेश दिया है। यह जानकारी पेंटागन के प्रेस सचिव मेजर जनरल पैट राइडर ने दी।

उल्लेखनीय है कि एक अक्टूबर को ईरान ने इजरायल पर 180 से अधिक बैलेस्टिक मिसाइलों से हमला किया था। ठीक 25 दिन बाद इजरायल ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर लड़ाकू विमानों से हमला किया। अब ईरान ने बार फिर इजरायल पर पलटवार करने की बात कही। यही वजह है कि अमेरिका मध्य पूर्व में अधिक विमानों की तैनाती करने में जुटा है।

इन विमानों की तैनाती करेगा अमेरिका

अमेरिका ने कई बी-52 बमवर्षक विमान, लड़ाकू विमानों का एक स्क्वाड्रन, टैंकर विमान और नौसेना के विध्वंसक विमानों को तैनात करने का आदेश दिया है। जल्द ही यह विमान पश्चिम एशिया पहुंचेंगे। उधर, यूएसएस अब्राहम लिंकन युद्धपोत जल्द ही अमेरिका लौट जाएगा। यूएसएस अब्राहम लिंकन विमानवाहक पोत और उसके स्ट्राइक ग्रुप में शामिल तीन विध्वंसक जल्द ही सैन डिएगो स्थित बंदरगाह पहुंच जाएंगे।

इजरायल की रक्षा करेंगे: अमेरिका

अमेरिका ने कहा कि वह किसी भी हाल में इजरायल की रक्षा करेगा। एक अक्टूबर को ईरानी हमले को निष्क्रिय करने में अमेरिकी सेना ने इजरायल की काफी मदद की थी। इजरायल के हमले के बाद अमेरिका ने ईरान को स्पष्ट चेतावनी दी है।

अमेरिका ने कहा कि ईरान को इजरायल पर हमला करने की गलती नहीं करनी चाहिए। अगर ऐसा हुआ तो घातक परिणाम होंगे। जानकारी के मुताबिक ईरान पर इजरायल के हमले में एक सैन्य बेस को भारी नुकसान पहुंचा है। इस बेस में बैलेस्टिक मिसाइलों का उत्पादन होता है। यह बेस ईरान के अंतरिक्ष कार्यक्रम का भी हिस्सा है।

ईरान को दी खुली चेतावनी

प्रेस सचिव मेजर जनरल पैट राइडर ने कहा कि रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन का यह आदेश राष्ट्रीय सुरक्षा के खतरों से निपटने के लिए कम समय में दुनिया भर में तैनाती करने की अमेरिकी क्षमता को दिखाता है। अगर ईरान, उसके छद्म गुटों ने अमेरिकी कर्मियों या हितों को टारगेट करते हैं तो अमेरिका अपने लोगों की रक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगा।

दूसरी बार B-52 विमान की तैनाती

एक महीने में B-52 बमवर्षक विमान को दूसरी बार मध्य पूर्व में तैनात किया गया है। यह परमाणु सक्षम विमान है। अमेरिका ने इसी विमान से यमन में हूती विद्रोहियों पर इसी महीने हमला भी किया था। मध्य पूर्व में मौजूदा समय में अमेरिका के लगभग 43 हजार जवान तैनात हैं। वहीं बमबर्षक विमानों के तैनात होने से अमेरिका की स्थिति यहां मजबूत होगी।

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