वाशिंगटन, एजेंसियां। अमेरिका में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार तेजी से बढ़ रहे हैं। सोमवार को मिली जानकारी के अनुसार एक दिन में 13.5 लाख नए मामले सामने आए। किसी देश में एक दिन में इतनी बड़ी संख्या में मामले सामने आने का यह सबसे बड़ा मामला है। इससे पहले अमेरिका में ही इसी साल तीन जनवरी को दस लाख तीस हजार मामले सामने आए थे।

अमेरिकी चिकित्सा एजेंसियों से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार 10 जनवरी को 1,36,604 लोग भर्ती कराए गए। वहीं पिछले साल जनवरी में एक दिन में सबसे ज्यादा 1,32,051 लोग अस्पताल में भर्ती कराए गए थे।

अमेरिका में हर दिन बड़ी तादाद में मामले आने से चिकित्सा सुविधाएं चरमरा गई हैं। अस्पतालों में बेड की कमी हो गई है। सरकार को मरीजों को उचित सुविधाएं मुहैया कराने के लिए हाथपांव मारने पड़ रहे हैं।

चीन के एक और शहर में लाकडाउन, दो करोड़ प्रभावित

कोरोना के प्रकोप के चलते चीन ने अब अपने एक और शहर में लाकडाउन लगा दिया है। फिलहाल चीन के तीन शहरों में लाकडाउन है। इसके चलते देश की करीब दो करोड़ आबादी घरों के अंदर कैद हो गई है।

अभी यह साफ नहीं है कि अनयांग शहर में लाकडाउन कितने दिन तक प्रभावी रहेगा क्योंकि एक नोटिस में कहा गया है कि यह बड़े पैमाने पर जांच के लिए लगाया गया है। नोटिस में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि जांच प्रक्रिया कब तक पूरी हो सकती है। इस शहर की आबादी 55 लाख है।

इसके अलावा शियान में 1.3 करोड़ लोग और युझोउ में 11 लाख लोग लाकडाउन की पाबंदियों के बीच रहेंगे।

जापान में फरवरी में विदेशियों के लिए अपनी सीमाएं बंद रखेगा

जापान के प्रधानमंत्री फुमिओ किशिदा ने मंगलवार को कहा कि बुजुगरें को कोरोनारोधी टीके की 'बूस्टर' खुराक देने के कार्यक्रम को तेज करने और कोरोना के नए स्वरूप 'ओमिक्रोन' के प्रसार को रोकने के मद्देनजर फरवरी में अधिकतर विदेशी नागरिकों के लिए देश की सीमाएं बंद रहेंगी।

कोरोना के मामले कम होने के बाद जापान ने नवंबर में सीमाएं खोल दी थीं, लेकिन अब नए वैरिएंट के कारण संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे है। इसके मद्देनजर अधिकतर विदेशी नागरिकों के लिए एक बार फिर सीमाएं बंद करने का फैसला किया गया है।

जापान में दिसंबर में संक्त्रमण के काफी कम मामले थे, लेकिन नए स्वरूप के सामने आने के बाद अचानक मामलों में काफी वृद्धि देखी गई। किशिदा ने पिछले हफ्ते तीन प्रांतों ओकिनावा, यामागुची और हिरोशिमा में पूर्व-आपात स्थिति की घोषणा की थी, जिसके तहत भोजनालयों से सेवा के घंटों को कम करने का अनुरोध किया गया था।