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खालिस्तान समर्थकों ने की थी सैन फ्रांसिस्को में भारतीय दूतावास में आग लगाने की कोशिश, आरोपी सीसीटीवी में कैद

अमेरिका ने कहा है कि भारतीय दूतावास पर हमला अस्वीकार्य सुरक्षा को लेकर प्रतिबद्ध अमेरिका ने भारतीय वाणिज्य दूतावास पर खालिस्तान समर्थकों द्वारा किए गए हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह पूरी तरह अस्वीकार्य है।

By AgencyEdited By: Amit SinghPublished: Wed, 22 Mar 2023 12:40 AM (IST)Updated: Wed, 22 Mar 2023 12:40 AM (IST)
सैन फ्रांसिस्को में भारतीय दूतावास में आग लगाने की कोशिश

वाशिंगटन, प्रेट्र: खालिस्तान समर्थकों के एक समूह ने रविवार को सैन फ्रांसिस्को में भारत के वाणिज्य दूतावास में आग लगाने की कोशिश की थी। सुबह करीब 4:20 पर ये घटना हुई। दूतावास में लगे सीसीटीवी में घटनाक्रम कैद हुआ है। इसके बाद वरिष्ठ भारतीय राजनयिकों ने अपने अमेरिकी समकक्षों को सूचना दी और साथ ही कहा कि उन्हें देश विरोधी तत्वों की ओर से आने वाले दिनों में इस तरह के और विरोध-प्रदर्शन किए जाने की आशंका है। इसके बाद अमेरिका में सभी भारतीय राजनयिक मिशन की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

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ज्वलनशील पदार्थ डाल किया हमला

सूत्रों ने बताया कि दाढ़ीधारी और टोपी पहने दो पुरुषों ने सैन फ्रांसिस्को में भारतीय मिशन के प्रवेश द्वार पर ज्वलनशील पदार्थ डाला और इमारत को आग लगाने का प्रयास किया। इन दोनों की अभी पहचान नहीं हो पाई है। गनीमत रही कि आग फैल नहीं पाई। सैन फ्रांसिस्को में वाणिज्य दूतावास ने तुरंत इस मामले को सैन फ्रांसिस्को से वाशिंगटन डीसी तक शहर की पुलिस और संबंधित अधिकारियों के साथ कई स्तरों पर उठाया। स्थानीय भारतीय अमेरिकी समुदाय में इस बात को लेकर रोष है कि सैन फ्रांसिस्को पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की। हालांकि, आगजनी के प्रयास के बाद प्रदर्शनकारी दिन में और हिंसक हो गए।

तंबू लगाकर प्रदर्शन किया शुरू

करीब 11 घंटे बाद वहां पर्याप्त पुलिस की तैनाती के अभाव में खालिस्तान समर्थकों ने भारतीय वाणिज्य दूतावास के अस्थायी अवरोधक तोड़ दिए और परिसर में जबरन घुस गए। दरवाजों-खिड़कियों को तोड़ दिया। मिशन के कर्मचारियों द्वारा परिसर से खालिस्तानी झंडे हटाए जाने के बाद उन्होंने इस वारदात को अंजाम दिया। बता दें कि शुरुआत शनिवार से हुई थी। खालिस्तान समर्थकों के एक गुट ने दूतावास परिसर के सामने एक तंबू लगाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया था। शनिवार शाम उन्होंने वाणिज्य दूतावास के परिसरों की दीवारों पर खालिस्तान समर्थक नारे लिख डाले।

हटाए गए खालिस्तानी झंडे

यही नहीं, अपने झंडे भी लगा दिए थे जिन्हें दूतावास के सुरक्षाकर्मियों ने कुछ ही देर बाद हटा दिया था। खालिस्तान समर्थकों ने वाशिंगटन डीसी में भी भारतीय दूतावास के सामने भी विरोध प्रदर्शन किया। हालांकि वह शांतिपूर्ण रहा। उधर कनाडा में भारत के राजदूत संजय कुमार वर्मा को रविवार को ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत में अपना कार्यक्रम सुरक्षा कारणों के चलते रद करना पड़ा। वहां उनके स्वागत के लिए ताज पार्क कन्वेंशन सेंटर सरे में कार्यक्रम आयोजित किया गया था। लेकिन खालिस्तानी समर्थकों के वहां पहुंचने और हंगामा करने के चलते वर्मा कार्यक्रम में नहीं गए।

भारतीय दूतावास पर हमला अस्वीकार्य

अमेरिका ने कहा- भारतीय दूतावास पर हमला अस्वीकार्य, सुरक्षा को लेकर प्रतिबद्ध अमेरिका ने भारतीय वाणिज्य दूतावास पर खालिस्तान समर्थकों द्वारा किए गए हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह पूरी तरह अस्वीकार्य है। व्हाइट हाउस में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के समन्वयक जान किर्बी ने कहा कि अमेरिका राजनयिक मिशनों और उनमें काम करने वाले राजनयिकों की सुरक्षा को लेकर प्रतिबद्ध है। अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने ट्वीट किया,' हम सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास में हिंसक कृत्यों की ¨नदा करते हैं, जिससे भारतीय अमेरिकियों और भारत के लोगों में रोष है।'

एजेंसियों के साथ संपर्क में विदेश मंत्रालय

उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रालय आगे की कार्रवाई के संबंध में स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ संपर्क में है। वहीं, नई दिल्ली में भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिकी सरकार को ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए उचित उपाय करने को कहा गया है। उधर, सिख आफ अमेरिका के जस्सी ¨सह ने कहा, 'सैन फ्रांसिस्को में जिस किसी ने भी इस हिंसक कृत्य को अंजाम दिया है, हम उसके खिलाफ कार्रवाई चाहते हैं।


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