नई दिल्ली (स्पेशल डेस्क)। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा लगाए गए अब तक के सबसे कड़े प्रतिबंधों के बावजूद उत्तर कोरिया ने फिर इस बात को दोहराया है कि वह किसी से नहीं डरता है। जापान के ऊपर से एक बार फिर से उसने बैलेस्टिक मिसाइल दागकर अपनी मंशा साफ कर दी है। इस परीक्षण के बाद यूरोपीयन मार्किट में गिरावट दर्ज की गई है। दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक ये मिसाइल प्योंगयांग के नजदीक के एयरपोर्ट से फायर की गई थी। उनके मुताबिक यह मिसाइल जापान के ऊपर से होकर प्रशांत महासागर में जाकर गिरी है। जापान समेत दक्षिण कोरिया ने भी इस बात की पुष्टि की है। यहां पर यह भी बात ध्यान रखने वाली है कि कल ही उत्तर कोरिया ने कहा था कि वह जापान को डुबो देगा और अमेरिका को खाक कर देगा। इस मिसाइल परीक्षण के बाद अमेरिका ने रूस और चीन से उत्तर कोरिया के खिलाफ एक्शन लेने को कहा है।

दूसरी बार जापान के ऊपर से दागी मिसाइल 

उत्तर कोरिया की तरफ से एक माह में दूसरी बार जापान के ऊपर से कोई बैलेस्टिक मिसाइल दागी गई है। इस परीक्षण ने एक बार फिर से तनाव को बढ़ाने का काम किया है। उत्तर कोरिया ने यह मिसाइल टेस्ट उस वक्त किया है जब जापान के प्रधानमंत्री शिंजो एबी अपनी भारत यात्रा खत्म कर स्वदेश लौटे हैं। जापान के पीएम शिंजो एबी ने कहा कि नॉर्थ कोरिया के उकसावे की कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हम किम जोंग-उन को इसका जवाब देंगे। जापान सरकार के के प्रमुख प्रवक्ता योशीहिदे सुगा ने कहा कि नॉर्थ कोरिया को कड़े शब्दों में इसका जवाब दिया जाएगा। जापान ने उत्तर कोरिया के इस कदम को बेहद उकसाने वाला कदम बताया है। 

पहले से ज्यादा दूरी तक गई मिसाइल

दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि मिसाइल लगभग 3,700 किलोमीटर का सफर तय किया और यह 770 किलोमीटर की अधिकतम ऊंचाई तक गई। पिछली मिसाइल की तुलना में यह मिसाइल करीब एक हजार किमी अधिक आगे तक गई है। उत्तर कोरिया के इस दुस्साहस के बाद आज संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की फिर आपात बैठक होनी है। इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटजिक स्टडीज के जोसेफ डेंप्सी ने कहा है कि इस मिसाइल ने अब तक की सबसे ज्यादा दूरी तय की। जैसे ही मिसाइल जापान के ऊपर से निकली, होक्काइदो आइलैंड के दक्षिणी हिस्से केप एरिमो में लाउडस्पीकर पर अनाउंस किया गया कि मिसाइल लॉन्च हुआ है।

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यूएस टेरिटरी को कोई खतरा नहीं 

अमेरिकी पैसिफिक कमांड ने कन्फर्म किया कि की ये मिसाइल, इंटरमीडिएट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल (IRBM) थी। लेकिन इससे अमेरिका या फिर प्रशांत महासागर में यूएस टेरिटरी गुआम को कोई खतरा नहीं है। हालांकि इससे क्षेत्र में तनाव बढ़ सकता है। गौरतलब है कि 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद ने सर्वसम्मति से उत्तर कोरिया के खिलाफ 3 सितंबर को किए गए परमाणु परीक्षण के बाद प्रतिबंध लगा दिया था। उत्तर कोरिया द्वारा लगातार किए जा रहे परमाणु परीक्षणों के बाद दुनिया भर में तीसरे विश्व युद्ध की आशंका को लगातार बल मिल रहा है। 

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खारिज नहीं किया जा सकता है तीसरे विश्व युद्ध का खतरा

उत्तर कोरिया के ताजा परीक्षण के बाद उभरे संकट के मद्देनजर तीसरे विश्वध युद्ध को लेकर उठ रहे सवाल केवल को‍री कल्पकना मात्र ही नहीं हैं। इस बात की आशंका रूसी राष्ट्ररपति पहले ही जता भी चुके हैं। सोसायटी ऑफ द पॉलिसी रिसर्च के डायरेक्टर और रक्षा विशेषज्ञ (रिटायर्ड कोमोडोर) उदय भास्कर भी इस बात से पूरी तरह से इंकार नहीं करते हैं। Jagran.Com से हुई बातचीत में उन्होंने तीसरे विश्व युद्ध की बात से पूरी तरह से इंकार नहीं किया है। हालांकि वह यह जरूर कहते हैं कि इसकी संभावना बेहद कम है कि उत्तर कोरिया के मुद्दे पर विश्व युद्ध छिड़ेगा।

उत्तर कोरिया की धमकी 

यहां पर यह भी बता देना जरूरी हो जाता है कि यूएनएससी के लगाए प्रतिबंधों के बाद उत्तर कोरिया ने कहा था कि इसके अमेरिका को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इससे पहले वह गुआम पर हमले की भी धमकी दे चुका है। हालांकि उदय भास्कर ऐसा नहीं मानते हैं कि अभी के हालातों में उत्तर कोरिया से अमेरिका को कोई खतरा है। उनका कहना है कि फिलहाल उत्तर कोरिया से अमेरिकी मेनलैंड को कोई खतरा नहीं है। हालांकि गुआम इसका अपवाद हो सकता है। उत्तर अमेरिकी एयरोस्पेस डिफेंस कमांड (एनओएआरएडी) का भी कहना है कि इस बैलिस्टिक मिसाइल से अमेरिका को कोई खतरा नहीं है। 

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भविष्य में और हो सकते हैं मिसाइल टेस्ट 

सेंटर फॉर नेशनल इंटरेस्ट डायरेक्टर ऑफ डिफेंस स्टडीज के हैरी जे कजियानिस का कहना है कि उन्हें इस परीक्षण से जरा भी आश्चर्य नहीं हुआ है। उनका कहना था कि प्रतिबंधों और अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद उत्तर कोरिया अपना न्यूक्लियर प्रोग्राम चला रहा है। वह नई तरह की मिसाइलें और एटमी हथियार बनाने में जुटा है। उन्होंने इस बात की भी आशंका जताई है कि उत्तर कोरिया भविष्य में और मिसाइल टेस्ट कर सकता है। 

उत्तर कोरिया की चुनौती और अमेरिका की तैयारी

यहां पर यह भी बता देना जरूरी होगा कि उत्तर को‍रिया की चुनौती से निपटने के लिए अमेरिका ने कोरियाई पेनिनसुला में अपना जंगी जहाज कार्ल विन्सन भेजा था। इसके अलावा दूसरे जंगी जहाज रोनाल्डन रीगन को भी वहां के लिए रवाना किया जा चुका है। वहीं दूसरी तरफ दक्षिण कोरिया में अमेरिका अपनी थाड मिसाइलों की तैनाती पहले ही कर चुका है। हाल ही में अमेरिका और साउथ कोरिया ने साथ में मिलिट्री एक्सरसाइज भी की थी। नॉर्थ कोरिया ने इसे जंग का खतरा करार दिया था।

उत्तर कोरिया की मिसाइल

उत्तर कोरिया के पास 1000 किलो मीटर तक मार करने वाली नोडोंग मिसाइल है। इसकी जद में दक्षिण कोरिया आता है। लेकिन उत्तर कोरिया तीन ICBM होने का दावा करता है। जिसमें पहली KN-08 है, जिसकी मारक क्षमता 5,500-11,500 किलोमीटर है। दूसरी KN-14 है, जो 8,000-10,000 किलोमीटर तक हमला कर सकती है और आखिरी हुआसुंग-14 है, जिसके बारे में दावा है कि ये 10,400 किलोमीटर तक हमला कर सकती है।

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Posted By: Kamal Verma

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