यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 27, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Iran-Israel में छिड़ने वाला है महासंग्राम? US की चेतावनी के बावजूद ईरान पीछे हटने को तैयार नहीं
Iran Israel War इजरायल ने 25 अक्टूबर को ईरान के कई सैन्य ठिकानों और मिसाइल निर्माण इकाइयों को निशाना बनाया। ...और पढ़ें

HighLights
- अमेरिका ने ईरान को चेतावनी दी है कि वो इजरायल से बदला लेने की न सोचे।
- ईरान फिर इजरायल से बदला लेने पर अड़ा।
जेएनएन, वाशिंगटन। Israel Vs Iran इजरायल के ईरान पर हमले के बाद एक बार फिर दोनों देशों में तकरार बढ़ गई है। इजरायल ने 25 अक्टूबर को ईरान के कई सैन्य ठिकानों और मिसाइल निर्माण इकाइयों को निशाना बनाया। इसमें कई ईरानी सैन्य अधिकारियों की मौत की भी खबर है।
मिडिल ईस्ट में छिड़ सकता है बड़ा युद्ध
हमले के बाद अमेरिका ने ईरान (Iran Israel War) को चेतावनी दी है कि वो इजरायल से बदला लेने की न सोचे, लेकिन ईरान बदला लेने पर अड़ा हुआ है। ईरान ने कहा है कि वो अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाता रहेगा। ईरान के बयान के बाद मिडिल ईस्ट में फिस से बड़ा युद्ध छिड़ने के आसार हो गए हैं।
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क्या बोला अमेरिका?
ईरान की धमकी के बाद अमेरिकी रक्षा सचिव लॉयड जे ऑस्टिन ने चेताते हुए कहा कि ईरान को इजरायल के हमलों का जवाब देने से बचना चाहिए, क्योंकि ये बड़ी गलती साबित होगा। अमेरिका ने कहा कि ये दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ाएगा।
ईरान के परमाणु कार्यक्रम की इमारत को बनाया निशाना
इजरायली हवाई हमले के बाद कुछ सैटेलाइट तस्वीरें भी सामने आई हैं। एक अमेरिकी शोधकर्ता ने कहा कि हमले में ईरान की उस इमारत को निशाना बनाया गया जो उसके बंद पड़े परमाणु हथियार विकास कार्यक्रम का हिस्सा थी।
दूसरे रिसर्चर ने बताया कि उन इमारतों को भी निशाना बनाया गया जहां ईरान बैलिस्टिक मिसाइलों के लिए सॉलिड फ्यूल मिलाने के लिए इस्तेमाल करता है। उन्होंने रॉयटर्स को बताया कि इजरायल ने तेहरान के पास एक विशाल सैन्य परिसर परचिन में इमारतों पर हमला किया।
इजरायल बोला- ये हमारा बदला था
इजरायली सेना ने कहा कि इजरायली जेट विमानों ने शनिवार की सुबह तेहरान के पास और पश्चिमी ईरान में मिसाइल कारखानों और अन्य स्थलों पर हमला किया, जो तेहरान द्वारा 1 अक्टूबर को इजरायल के खिलाफ 200 से अधिक मिसाइलों के हमले का बदला था। इजरायल ने इसे 'ऑपरेशन डेज ऑफ रिपेंटेंस' (पछतावे के दिन) नाम दिया।
वहीं, दूसरी ओर ईरान की सेना ने कहा कि इजरायली लड़ाकू विमानों ने इलाम, खुजेस्तान और तेहरान के आसपास के प्रांतों में सीमा रडार प्रणालियों पर हमला करने के लिए "बहुत हल्के वारहेड" का इस्तेमाल किया, जिससे उसे ज्यादा नुकसान नहीं हुआ।
