भारत के लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रमण्यम बने दक्षिण सूडान में यूएन के नए फोर्स कमांडर, शैलेश तिनाइकर की लेंगे जगह
भारत के लिए आज का दिन अहम हैं। भारत के लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रमण्यम को दक्षिण सूडान में यूएन का नए फोर्स कमांडर चुना गया है। वह लेफ्टिनेंट जनरल शैलेश तिनाइकर की जगह लेंगे। इस बात की पुष्टि संयुक्त राष्ट्र मिशन ने की है।

न्यूयार्क, प्रेट्र। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट जनरल मोहन सुब्रमण्यम को दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन (यूएनएमआईएसएस) का अपना नया 'फोर्स कमांडर' नियुक्त किया है। मंगलवार को जारी एजेंसी के बयान में कहा गया है कि वह भारतीय सेना से ही संबंध रखने वाले लेफ्टिनेंट जनरल शैलेश तिनाइकर का स्थान लेंगे। तिनाइकर को मई 2019 में फोर्स कमांडर नियुक्त किया गया था।
भारतीय सेना में दे चुके हैं 36 वर्ष तक अपनी सेवाएं
दरअसल, लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रमण्यम ने 36 वर्ष तक भारतीय सेना में सेवाएं दी हैं। हाल ही में उन्होंने मध्य भारत में मिलिट्री रीजन (आपरेशनल एंड लाजिस्टिक रेडीनेस जोन) के जनरल आफिसर कमांडिंग के रूप में अपनी सेवाएं दीं। सुब्रमण्यम ने वियतनाम, लाओस और कंबोडिया (2008-2012) में भारत के रक्षा अताशे के रूप में और 2000 में सिएरा लियोन में संयुक्त राष्ट्र मिशन के साथ एक स्टाफ आफिसर के रूप में भी काम किया है।
1986 में कोर आफ आर्मी एयर डिफेंस में किया गया था कमीशन
डीएसएससी के अनुसार, लेफ्टिनेंट जनरल मोहन सुब्रमण्यम को 1986 में कोर आफ आर्मी एयर डिफेंस में कमीशन किया गया था। लेफ्टिनेंट जनरल मोहन को अति विशिष्ट सेवा मेडल, सेना मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने तमिलनाडु के अमरावतीनगर के सैनिक स्कूल, राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, खड़कवासला और भारतीय सैन्य अकादमी, देहरादून से पढ़ाई की है।
भारत के कई सैन्य क्षेत्रों की संभाल चुके हैं कमान
लेफ्टिनेंट जनरल मोहन ने डेजर्ट सेक्टर में एक वायु रक्षा रेजिमेंट, एक माउंटेन ब्रिगेड और पूर्वी थिएटर में एक इन्फैंट्री डिवीजन और मध्य भारत में एक क्षेत्र (सैन्य क्षेत्र) की कमान संभाली है। इसके अलावा उन्होंने एक इन्फैंट्री ब्रिगेड और एक इन्फैंट्री डिवीजन में एक आपरेशनल स्टाफ आफिसर, सैन्य सचिव की शाखा, सेना मुख्यालय, एक माउंटेन डिवीजन के कर्नल क्वार्टरमास्टर में सहायक सैन्य सचिव के रूप में कार्य किया है। वह आर्मी एयर डिफेंस कालेज में इंस्ट्रक्टर भी रह चुके हैं। उनके पास रक्षा और प्रबंधन अध्ययन के साथ-साथ सामाजिक विज्ञान में मास्टर आफ फिलासफी डिग्री और रक्षा और सामरिक अध्ययन, मानवाधिकार और लोक प्रशासन में स्नातकोत्तर योग्यताएं हैं।
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