America- India Ties: कूटनीतिक तकनीकी साझेदारी के लिए तैयार है भारत और अमेरिका, रिश्तों में आएगी मजबूती
America- India Deal एयर इंडिया और बोइंग डील के बाद बाइडेन और मोदी के बीच फोन पर हुई चर्चा। दोनों नेताओं ने आपसी साझेदारी बढ़ाने और भविष्य में साथ काम करने को लेकर बातचीत की। बताया जा रहा है दोनों नेता दोनों नेता एकसाथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
वाशिंगटन,एजेंसी। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूएस और भारत की कूटनीतिक तकनीकी साझेदारी के बारे में चर्चा की। अमेरिकी राष्ट्रपति के प्रवक्ता ने यह जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि दोनों नेता दोनों नेता एकसाथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। वे आर्थिक विकास और बढ़ती साझेदारी के लिए अपनी साझा प्रथामिकताओं के आधार पर क्वाड जैसे समूहओं में काम करने के लिए भी तैयार हैं।
सहभागिता बढ़ाने पर राजी दोनों देश
दोनों नेताओं ने मंगलवार को फोन पर बातचीत की। यह बातचीन बोइंग और एयर इंडिया के बीच हुए ऐतिहासिक समझौते के मद्देनजर हुई जिसमें अमेरिका की निर्माता कंपनी से 200 से अधिक विमान खरीदने का सौदा किया गया है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरिन जीनपायरे ने कहा कि दोनों नेताओं ने भारत और यूनाइटेड स्टेट्स के बीच कूटनीतिक तकनीकी साझेदारी के बारे में चर्चा की। दोनों नेताओं ने यूएस और भारत के रिश्तों की मजबूती की पुष्टि की। दोनों नेताओं से दोनों देशों के आर्थिक विकास को बेहतर करने के लिए क्वाड जैसे समूहों में साथ काम करने प्रतिबद्धता भी जाहिर की। उन्होंने साथा प्राथमिकताओं के आधार पर सहभागिता बढ़ाने की बात भी की।
क्वाड में साथ निभा रहे
अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, भारत और जापान ने नवंबर 2017 में लंबे समय से विचाराधीन क्वाड की स्थापना को मूर्त रूप दिया था। इसका उद्देश्य इंडो-पैसिफिक समुद्री इलाके में चीन की बढ़ती सैन्य उपस्थिति के चलते इस इलाके को किसी भी प्रभाव से मुक्त रखने की रणनिति विकसित करना है। चीन लगभग पूरे विवादित दक्षिण चीनी सागर पर अपना दावा करता है। वहीं ताइवान, फिलिपींस, ब्रूनेई, मलेशिया और वियतनाम भी इसके हिस्सों पर अपना दावा करते हैं। बिजिंग ने दक्षिण चीनी सागर में कृत्रिम द्वीपों की स्थापना के साथ ही यहा सैन्य उपस्थिति भी दर्ज करवाई है।
अमेरिकियों को मिलेगी नौकरी
जीनपायरे ने बताया कि व्हाइट हाउस ने अभी किसी भी यात्रा या बैठक के बारे में कोई घोषणा नहीं की है। उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं के बीच एयर इंडिया और बोइंग के बीच 200 से अधिक विमान खरीदने को लेकर हुए समझौते के बारे में चर्चा की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने इस बात का जिक्र किया कि किस प्रकार यह बिक्री अमेरिका के 44 राज्यों में एक मिलियन से अधिक नौकरियां पैदा करने में मदद करेगी।
एयर इंडिया और बोइंग के बीच हुई डील
व्हाइट हाउस द्वारा की गई घोषणा में कहा गया है कि बोइंग और टाटा समूह के मालिकाना हक वाली एयर इंडिया एक समझौते पर पहुंचे हैं जिसके तहत एयर इंडिया 190 बी373 मैक्स, 20 बी787 और 10 बी777एक्स हवाई जहाज खरीदेगी जिसकी कुल कीमत 34 बिलियन अमेरिकी डॉलर होगी। मूल्य के आधार पर एयर इंडिया के साथ की गई यह डील बोइंग की तीसरी बड़ी डील है। हवाई जहाजों की संख्या के मामले में यह दूसरी सबसे बड़ी डील है।
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