लॉस एंजिलिस। वैज्ञानिकों ने यह दावा किया है कि भविष्य में हमारा दिमाग विशाल क्लाउड नेटवर्क से सीधे जुड़ सकेगा। इसका मतलब है कि हम केवल सोचने मात्र से इंटरनेट में मौजूद उन सारी जानकारियों तक पहुंच सकेंगे, जिन तक हम पहुंचना चाहते हैं। बीच में किसी माध्यम (फोन या कंप्यूटर) की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह बिल्कुल हॉलीवुड फिल्म मैट्रिक्स की तरह होगा।

फ्रंटियर्स इन न्यूरोसाइंस पत्रिका में प्रकाशित एक शोध के अनुसार नैनो टेक्नोलॉजी, नैनो मेडिसिन, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआइ) आदि तकनीकें इस सदी में मानव मस्तिष्क/क्लाउड इंटरफेस (बी/सीआइ) का विकास करेंगी। भविष्यवादी लेखक और आविष्कारक रे कुर्जवील ने सबसे पहले बी/ सीआइ कांसेप्ट का प्रस्ताव दिया था। उन्होंने सुझाव दिया था कि न्यूरल नैनोरोबोट को मस्तिष्क के नियोकार्टेक्स के साथ जोड़कर उसे सीधे क्लाउड नेटवर्किंग से जोड़ा जा सकता है। अमेरिका के बर्कले में कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी और इंस्टीट्यूट फॉर मॉलीकुलर मैनुफैक्र्चंरग के शोधकर्ताओं ने बताया कि नियोकॉर्टेक्स हमारे दिमाग का सबसे सचेत हिस्सा है।

इस शोध के प्रमुख लेखक रॉबर्ट फ्रीटास का कहना है कि न्यूरल नैनोरोबोट मस्तिष्क कोशिकाओं को नियंत्रित और उनको मॉनीटर करेंगे। इसके बाद यह सिग्नल प्रसारित करेगा और क्लाउड नेटवर्क पर सुपर कंप्यूटर से अपने मतलब की सारी जानकारी हॉलीवुड फिल्म मैट्रिक्स की तरह अपलोड कर हमारे सामने रख देगा।

इस बी/सीआइ तकनीक के माध्यम से भविष्य में ‘ग्लोबल सुपरब्रेन’ भी बनाया जा सकता है। जिसके माध्यम से मनुष्य के दिमाग और एआइ का नेटवर्क बनाकर सामूहिक विचारों का भी पता चल सकेगा।

Posted By: Sanjay Pokhriyal

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