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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 19, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

इजरायल पर हमले के जिम्मेदार हमास आतंकियों की तलाश अमेरिका में भी, एफबीआइ चला रहा मिशन

Published: Sun, 19 Oct 2025 05:48 AM (IST)Updated: Sun, 19 Oct 2025 07:54 AM (IST)

हमास की तरफ से इजरायल के खिलाफ लड़नेवालों की तलाश अमेरिका में भी जोरों-शोरों से चल रही है। अमेरिका के ...और पढ़ें

अमेरिका के जस्टिस डिपार्टमेंट ने एफबीआइ को ऐसे आरोपितों की तलाश में लगाया  (फोटो- रॉयटर)

अमेरिका के जस्टिस डिपार्टमेंट ने एफबीआइ को ऐसे आरोपितों की तलाश में लगाया  (फोटो- रॉयटर)

HighLights

  1. अमेरिका के जस्टिस डिपार्टमेंट ने एफबीआइ को ऐसे आरोपितों की तलाश में लगाया 

  2. एफबीआइ ने सात अक्टूबर 2023 को इजरायल पर हमले में शामिल एक आरोपित को पकड़ा 

न्यूयॉर्क टाइम्स, वाशिंगटन। हमास की तरफ से इजरायल के खिलाफ लड़नेवालों की तलाश अमेरिका में भी जोरों-शोरों से चल रही है। अमेरिका के जस्टिस डिपार्टमेंट ने एफबीआइ को मार्च में उन लोगों को पकड़ने का काम सौंपा, जिन्होंने हमास का साथ दिया और सात अक्टूबर 2023 को इजरायल में घुसकर मारकाट मचाई।

यूएस डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में पेश किया गया एक हमास आतंकी

इनमें से ए आरोपित को गिरफ्तार करके लुइयाना राज्य की यूएस डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में पेश किया गया। उस पर आरोप है कि उसने गाजा पट्टी जाकर हमास के लिए लड़ाकों को इकट्ठा किया और उन्हें हर तरह से सहयोग दिया।

इसके बाद फर्जी वीजा के आधार पर अमेरिका चला आया। उसे पिछले साल भी गिरफ्तार किया गया था और इस साल भी पकड़कर अदालत में पेश किया गया है।

महमूद अमीन याकूप अल मुहतदी अमेरिका में गिरफ्तार

एफबीआइ एजेंट की शिकायत के आधार पर आरोपित की पहचान महमूद अमीन याकूप अल मुहतदी के तौर पर की गई है। वह गाजा स्थित नेशनल रेजिस्टेंट ब्रिगेड का सदस्य बताया गया है। ये ब्रिगेड डेमोक्रेटिक फ्रंट फार द लिबरेशन ऑफ फलस्तीन की मिलिट्री विंग है।

आरोप है कि उसने गाजा में हथियारबंद लड़ाकों को जुटाया और सात अक्टूबर, 2023 को इजरायल की सीमा में घुस गया। इस दिन हमास आतंकवादियों ने 1200 लोगों को ढेर कर दिया, जिसमें कुछ अमेरिकी नागरिक भी थे।

आतंकवादियों ने 250 लोगों को बंधक भी बना लिया

साथ ही आतंकवादियों ने 250 लोगों को बंधक भी बना लिया। इसके खिलाफ इजरायल की जवाबी कार्रवाई में गाजा पट्टी पूरी तरह तहस नहस हो गई और 67 हजार फलस्तीनी मारे गए। 33 साल के अल मुहतदी की शुक्रवार को अदालत में पेशी हुई।

मैं बेगुनाह हूं

जज ने उससे पूछा गया कि क्या वह अपने ऊपर लगाए गए आरोपों से सहमत है। इस पर उसने कहा कि कई बातों का यहां जिक्र किया गया है जो झूठी हैं। मैं बेगुनाह हूं। मामले की सुनवाई एक घंटे चली।

पिछले साल भी अमेरिकी संघीय अभियोजकों ने तमाम वरिष्ठ हमास सदस्यों को सात अक्टूबर के हमले के आरोपों में पकड़ा था। उस समय भी अल मुहतदी को निचले क्रम के लड़ाके के तौर पर अदालत में पेश किया गया था।

एफबीआइ एजेंट ने सबूत पेश किए

आपराधिक शिकायत में एफबीआइ एजेंट ने अल मुहतदी के टेलिफोन काल के ट्रांसक्रिप्ट भी पेश किए हैं। एक घटनाक्रम में अल मुहतदी किसी शख्स से कह रहा था- तैयार हो जाओ, सीमाएं खुली हुई हैं।

अल मुहतदी ने एक अन्य व्यक्ति से कहा- राइफलें ले आओ ताकि हमले में हिस्सा लिया जा सके। एक अन्य ट्रांसक्रिप्ट में अल मुहतदी ने किसी से कहा- अगर तुम्हारे पास कारतूसों की पूरी मैग्जीन है तो लाकर मुझे दो। इसी तरह, एक शख्स उससे अपने साथी के लिए बुलेटप्रूफ जैकेट की मांग कर रहा था।