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'हबीबी, कॉल मी सीनेटर'; US के पहले मुस्लिम सीनेटर अब्दुल सैयद ने अपनी विक्ट्री स्पीच में ट्रंप और वेंस पर कसा तंज

Published: Wed, 04 Nov 2026 06:55 PM (IST)

अब्दुल अल-सैयद ने मिशिगन सीनेट चुनाव में माइक रोजर्स को हराकर इतिहास रच दिया है, वे अमेरिका के पहले मुस्लिम सीनेटर बने हैं।

अब्दुल अल-सैयद ने मिशिगन सीनेट चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज की

अब्दुल अल-सैयद ने मिशिगन सीनेट चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज की

HighLights

  1. अब्दुल अल-सैयद ने मिशिगन सीनेट चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज की

  2. वे अमेरिका के पहले मुस्लिम सीनेटर चुने गए हैं

  3. जीत के बाद ट्रंप और जेडी वेंस पर तीखा तंज कसा

डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। मिशिगन सीनेट चुनाव में डेमोक्रेट उम्मीदवार अब्दुल अल-सैयद ने रिपब्लिकन माइक रोजर्स को हराकर बड़ी जीत हासिल की है। बुधवार को अपनी विक्ट्री स्पीच में उन्होंने राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पर जमकर निशाना साधा।

अल-सैयद ने खास तौर पर इस दिलचस्प विडंबना का जिक्र किया कि जनवरी में उन्हें पद की शपथ खुद जेडी वेंस ही दिलाएंगे। वेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, 'हबीबी, इसमें बहुत मजेदार विडंबना है कि संवैधानिक रूप से मुझे शपथ दिलाने की जिम्मेदारी आपकी है।'

आप मुझे बस सीनेटर कहकर बुला सकते हैं: अब्दुल

ट्रंप को भी तीखा संदेश देते हुए उन्होंने कहा, 'मुझे पता है कि आपको मेरा नाम लेने में दिक्कत होती है, इसलिए जब जेडी मुझे शपथ दिला दें, तो आप मुझे बस सीनेटर कहकर बुला सकते हैं।'

मिशिगन में हुई कड़ी चुनावी लड़ाई में अब्दुल एल-सैयद ने बड़ी जीत हासिल की है। उनकी इस सफलता ने उन्हें अमेरिकी सीनेट के लिए चुने जाने वाले पहले मुस्लिम उम्मीदवार बना दिया है। उन्होंने खाली सीनेट सीट के लिए हुए मुकाबले में पूर्व कांग्रेसमैन और पूर्व एफबीआई एजेंट माइक रोजर्स को हराया।

रोजर्स को पूर्व राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप का समर्थन हासिल था। अपनी जीत के भाषण में एल-सैयद ने समर्थकों से कहा, 'आपने नफरत को चुना, और मिशिगन ने उम्मीद को चुना।'

अब्दुल सैयद ने मिशिगन चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज की

रॉयटर्स के अनुसार, मिडटर्म चुनावों में डेमोक्रेट्स ने कांग्रेस के दोनों सदनों पर नियंत्रण हासिल कर लिया है। मिशिगन की यह सीट इसलिए महत्वपूर्ण थी क्योंकि दो बार के डेमोक्रेटिक सीनेटर गैरी पीटर्स दोबारा चुनाव नहीं लड़ रहे थे।

रोजर्स 2024 में एलिसा स्लॉटकिन से थोड़े अंतर से हार चुके थे। ट्रंप के समर्थन के बावजूद उनके अभियान को आर्थिक मुद्दों बढ़ती कीमतें और टैरिफ की वजह से चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

एल-सैयद की जीत डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रगतिशील धड़े को मजबूत करेगी। उनके अभियान ने ‘मेडिकेयर फॉर ऑल’ जैसी नीतियों की चुनावी ताकत दिखाई है, जो मौजूदा मिश्रित स्वास्थ्य बीमा व्यवस्था की जगह सरकार द्वारा संचालित एकल-भुगतानकर्ता प्रणाली लाने की बात करती है।

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