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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 06, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'भारत जैसे मजबूत सहयोगी से संबंध न बिगाड़ें', निक्की हेली ने ट्रंप की टैरिफ नीति पर किया कटाक्ष

By Agency Edited By: Jeet Kumar
Published: Wed, 06 Aug 2025 03:16 AM (IST)

भारतीय-अमेरिकी रिपब्लिकन नेता निक्की हेली ने कहा कि अमेरिका को चीन को खुली छूट देकर भारत जैसे मजबूत सहयोगी देश ...और पढ़ें

रिपब्लिकन नेता निक्की हेली ने ट्रंप की टैरिफ नीति पर किया कटाक्ष
रिपब्लिकन नेता निक्की हेली ने ट्रंप की टैरिफ नीति पर किया कटाक्ष

HighLights

  1. रिपब्लिकन नेता निक्की हेली ने ट्रंप की टैरिफ नीति पर किया कटाक्ष
  2. रिपब्लिकन नेता निक्की हेली ने ट्रंप की टैरिफ नीति पर किया कटाक्ष

 पीटीआई, न्यूयार्क। भारतीय-अमेरिकी रिपब्लिकन नेता निक्की हेली ने कहा कि अमेरिका को चीन को खुली छूट देकर भारत जैसे ''मजबूत सहयोगी'' देश के साथ अपने संबंधों को बिगाड़ना नहीं चाहिए। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रूस से तेल खरीदने पर भारत पर भारी टैरिफ लगाने के खिलाफ अपनी राय देते हुए यह कहा है।

चीन को 90 दिन का टैरिफ स्थगन क्यों मिला है

निक्की हेली ने मंगलवार को एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ''अगर भारत को रूस से तेल नहीं खरीदना चाहिए, तो चीन जो एक प्रतिकूल देश और रूसी और ईरानी तेल का नंबर एक खरीदार है। आखिर चीन को 90 दिन का टैरिफ स्थगन क्यों मिला है।''

उन्होंने कहा, ''विरोधी देश चीन को कोई छूट नहीं दें और भारत जैसे अमेरिका के मजबूत सहयोगी देश से संबंधों को बिल्कुल नहीं बिगाड़ना चाहिए।''

डोनाल्ड ट्रंप के पहले राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की राजदूत रहीं निक्की हेली दक्षिण कैरोलिना की पूर्व गवर्नर हैं। वह अमेरिका प्रशासन में कैबिनेट स्तर की पद पर नियुक्त होने वाली पहली भारतीय-अमेरिकी बनीं थीं। 2013 में उन्होंने 2024 के राष्ट्रपति चुनाव के लिए अपनी उम्मीदवारी की आधिकारिक घोषणा की और पिछले साल मार्च में दौड़ से हट गईं थीं।

ट्रंप ने की थी यह घोषणा

उनकी टिप्पणियां ट्रंप के उस बयान के कुछ घंटे बाद आईं, जिसमें उन्होंने कहा कि भारत ''अच्छा व्यापारिक साझेदार'' नहीं रहा है और घोषणा की कि वह भारत पर ''अत्यधिक'' टैरिफ बढ़ाएंगे क्योंकि नई दिल्ली रूसी तेल खरीद रही है और ''युद्ध मशीन'' को ''ईंधन'' दे रही है।

सोमवार को भारत ने अमेरिका और यूरोपीय संघ पर रूसी कच्चे तेल की खरीद के लिए नई दिल्ली को ''अन्यायपूर्ण और असंगत'' रूप से लक्षित करने के लिए असामान्य रूप से तीखा पलटवार किया।