यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 30, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Trump को लगा एक और झटका, व्हाइट हाउस ने संघीय सहायता रोकने के फैसले पर लगा दी रोक
व्हाइट हाउस ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अस्थायी तौर पर संघीय अनुदानों और कर्ज पर रोक लगाने का ...और पढ़ें

HighLights
- ट्रंप चाहते हैं कि सरकार के धन का इस्तेमाल उनके अनुसार हो।
- ट्रंप का यह फैसला अपूरणीय क्षति का डर है: संघीय अदालत
एपी,वॉशिंगटन। राष्ट्रपति बनने के बाद लगातार बड़े फैसले ले रहे डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) को व्हाइट हाउस के प्रबंधन एवं बजट कार्यालय की ओर से झटका लगा है।
व्हाइट हाउस ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अस्थायी तौर पर संघीय अनुदानों और कर्ज पर रोक लगाने का आदेश दिया है। दरअसल, ट्रंप प्रशासन यह तय करना चाहता था कि सरकारी धन का इस्तेमाल उनके कार्यकारी आदेशों के मुताबिक हो, जो प्रगतिशील नीतियों को खत्म करने के लिए थे।
सरकारी खर्चों की समीक्षा करना चाहती ट्रंप प्रशासन
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार ने मंगलवार से संघीय अनुदानों और ऋणों को अस्थायी रूप से रोकने का निर्णय लिया था। उनकी सरकार अब सरकारी खर्चों की एक व्यापक वैचारिक समीक्षा करेगी।
आशंका जताई जा रही है कि राष्ट्रपति ट्रंप के इस फैसले से स्वास्थ्य अनुसंधान, शिक्षा कार्यक्रमों और अन्य योजनाओं में बड़ा असर हो सकता है। यहां तक कि जिन अनुदानों को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है लेकिन अभी खर्च नहीं किया गया है, उन्हें भी रोक दिया जाएगा।
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व्यय पर रोक जारी रहेगी: ट्रंप प्रशासन
व्हाइट हाउस की ओर से जारी बयान में कहा गया कि सरकार की ओर से संघीय सहायता को रोकने के फैसले को निरस्त कर दिया है। हालांकि, इसके तुरंत बाद प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने घोषणा की कि व्यय पर रोक जारी रहेगी और केवल बजट कार्यालय से जारी ज्ञापन को वापस लिया गया है।
क्या है ट्रंप की नीति?
संघीय सहायता को अस्थायी रूप से रोककर, डोनाल्ड ट्रंप ने देश भर में भ्रम और भय पैदा कर दिया है। इतना ही नहीं, मील्स ऑन व्हील्स और निम्न आय आवास के लिए सरकार द्वारा दी जाने वाली सहायताओं के प्रोजेक्ट्स अधर में लटक गए हैं।
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संघीय अदालत ने भी ट्रंप के फैसले की आलोचना की
इससे पहले अमेरिका की एक संघीय अदालत की जज ने ट्रंप प्रशासन की सभी संघीय सहायता को रोकने की योजना के फैसले को अस्थायी रूप से रोक दिया था। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, आपातकालीन सुनवाई में जिला न्यायाधीश लॉरेन अलीखान ने कहा कि 'मुझे लगता है कि इससे अपूरणीय क्षति का डर है।' अलीखान ने सोमवार के लिए अगली सुनवाई निर्धारित की है और उस दिन शाम 5 बजे तक फंडिंग रोकने के आदेश को स्थगित कर दिया है।
