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    ट्रंप ने खुन्नस में थोपा भारत पर टैरिफ! पीएम मोदी से नोबेल प्राइज नॉमिनेशन की लगाई थी गुहार

    Updated: Sat, 30 Aug 2025 07:38 PM (IST)

    एक समय था जब अमेरिका और भारत के नेता अपनी साझेदारी को स्वाभाविक मानते थे पर अब यह रिश्ता कमजोर दिख रहा है। अविश्वास और राजनीतिक अहंकार के कारण रिश्तों में खटास आ गई है। डोनाल्ड ट्रंप का नोबेल शांति पुरस्कार पाने का जुनून और भारत-पाकिस्तान के सीजफायर का मुद्दा उठाने से पीएम मोदी भड़क गए। जिसके बाद से ही दोनों देशों के रिश्तों में दरार आनी शुरू हो गई।

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    ट्रंप के सिर चढ़ा नोबेल प्राइज पाने का जुनून।

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। एक समय था जब अमेरिका और भारत के नेताओं ने अपनी साझेदारी को दुनिया के सबसे पुराने और बड़े लोकतंत्र के बीच एक स्वाभाविक संगठन के रूप में देखा था। आज यह रिश्ता कमजोर पड़ता दिख रहा है।

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    अविश्वास, राजनीतिक अंहकार और एक ऐसे अमेरिकी राष्ट्रपति के जहर से विषाक्त हो रहा है, जो भारत की संप्रभुता का सम्मान करने के बजाय अपनी खुद की प्रशंसा पाने को आतुर रहता है। एक ऐसा राष्ट्रपति जो सिर्फ अपनी मनोकामनाएं पूरी करने की जद्दोजहद में लगा है। इस वजह से वह कई देशों से रिश्ते भी बिगाड़ चुका है, जिसमें भारत भी शामिल है।

    अटल चट्टान से टकरा गए डोनाल्ड ट्रंप

    इस दरार के मूल में हैं डोनाल्ड ट्रंप का नोबेल शांति पुरस्कार पाने का जुनून। बार-बार भारत पाकिस्तान के बीच सीजफायर की लाइन का रट्टा मारना और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उन्हें नॉमिनेट करने की गुहार लगाना इसका स्पष्ट संकेत है। इस बार ट्रंप अपने कपट के साथ भारत के ऐतिहासिक अनुभव की अटल दीवार से टकरा गए हैं।

    ट्रंप को लेकर रिपोर्ट में क्या हुआ खुलासा

    न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि 17 जून, 2025 को डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन किया था और इन दोनों नेताओं के बीच लगभग 35 मिनट तक बातचीत हुई। ट्रंप चाहते थे कि पीएम मोदी उन्हें नोबेल प्राइज के लिए नॉमिनेट करें लेकिन भारत के प्रधानमंत्री ने ऐसा करने से इनकार कर दिया।

    अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने खुलासा किया है कि इस बातचीत के दौरान ट्रंप ने पीएम मोदी के सामने भारत-पाकिस्तान सीजफायर का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नॉमिनेट करने जा रहा है और भारत-पाकिस्तान के बीच सैन्य तनाव खत्म करने कराने पर उन्हें गर्व है। भारत को भी उन्हें इसके लिए नॉमिनेट करना चाहिए।

    ट्रंप की ये बात सुन भड़क गए पीएम मोदी

    रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप की यह बात सुनकर भारतीय नेता भड़क गए। उन्होंने ट्रंप से साफ शब्दों में कहा, हालिया सीजफायर में उनका या उनके देश का कोई रोल नहीं है। युद्धविराम भारत और पाकिस्तान के बीच सीधे तौर पर तय हुआ। इसके बाद से ही दोनों भारत-अमेरिका के रिश्तों में खटास आनी शुरू हुई।

    ट्रंप ने खुन्नस में थोपा भारत पर टैरिफ

    सीजफायर पर असहमति और नोबेल शांति पुरस्कार पर बात करने से इनकार के बाद दोनों नेताओं के बीच खटास आ गई। इस फॉन कॉल के कुछ समय बाद ट्रंप ने भारत पर पहले 25 प्रतिशत और बाद में अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ थोप दिया। इतना ही नहीं उन्होंने भारत में होने वाले क्वाड शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए भी इनकार कर दिया।

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