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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 25, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'ईरान का कुछ नहीं बिगाड़ सके', अमेरिकी रिपोर्ट ने ही खोली ट्रंप की पोल; राष्ट्रपति बोले- बदनाम करने की साजिश

Published: Wed, 25 Jun 2025 07:58 AM (IST)Updated: Wed, 25 Jun 2025 08:08 AM (IST)

Iran Israel Ceasefire: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और व्हाइट हाउस ने एक नई खुफिया रिपोर्ट को सिरे से खारिज कर ...और पढ़ें

यह कथित रिपोर्ट डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी (DIA) की है। लेकिन ट्रंप ने इसे फेक न्यूज बताया है।

यह कथित रिपोर्ट डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी (DIA) की है। लेकिन ट्रंप ने इसे फेक न्यूज बताया है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और व्हाइट हाउस ने मंगलवार को एक नई खुफिया रिपोर्ट को सिरे से खारिज कर दिया। इस रिपोर्ट में दावा किया है गया कि अमेरिकी हवाई हमलों ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह तबाह नहीं किया। यह रिपोर्ट डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी (DIA) की है। इस रिपोर्ट का खुलासा सबसे पहले सीएनएन ने किया था।

रिपोर्ट में कथित तौर पर कहा गया है कि ईरान के परमाणु ठिकानों को सिर्फ कुछ महीनों के लिए पीछे धकेला गया है, न कि पूरी तरह खत्म किया गया। लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप इस रिपोर्ट की बात पर नाराज हो गए। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर इस रिपोर्ट को 'फर्जी' करार देते हुए इसे सैन्य हमले को बदनाम करने की साजिश बताया।

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व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने भी इस रिपोर्ट को ‘पूरी तरह गलत’ ठहराया और कहा कि यह ट्रंप की छवि खराब करने की कोशिश है।

खुफिया रिपोर्ट में क्या दावे किए गए है?

DIA की रिपोर्ट में कहा गया कि 22 जून को हुए हमलों ने ईरान के फोर्दो, नतांज और इस्फहान न्यूक्लियर ठिकानों को काफी नुकसान पहुंचाया, लेकिन ईरान का परमाणु ढांचा अब भी काफी हद तक बरकरार है। यह दावा ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के उन बयानों के खिलाफ है, जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह तबाह हो चुका है।

रिपोर्ट के मुताबिक, फोर्दो के गहरे बने बंकरों के एंट्री गेट अमेरिकी बंकर-बस्टर बमों से ढह गए। भारी बमबारी के बावजूद अंदर का ढांचा अब भी सुरक्षित है। इसके साथ ही ये भी कहा गया कि हमले से पहले ही सेंट्रीफ्यूज मशीनों को अलग जगह पर ले जाया गया। बताते चलें कि सेंट्रीफ्यूज मशीन के जरिए ही यूरेनियम को एनरीच किया जाता है। आसान भाषा में कहें तो यही मशीन यूरेनियम को शुद्ध करती है जिससे एक हद के बाद यूरेनियम-238 से यूरेनियम 235 के आइसोटोप अलग हो जाते हैं।

व्हाइट हाउस क्या कहता है?

ट्रंप प्रशासन और उनके सहयोगी अपनी बात पर कायम हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा कि ईरान को 60% एनरिच्ड यूरेनियम को 90% तक एनरीच करने और उसे परमाणु हथियार में बदलने की क्षमता से वंचित करना ही ‘मिशन की कामयाबी’ है।

ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने DIA की रिपोर्ट के लीक को ‘देशद्रोह’ करार दिया और इसकी जांच की मांग की। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव लेविट ने कहा, "जब आप 14 तीस हजारी बम सटीक निशाने पर गिराते हैं, तो नतीजा क्या होता है... पूरी तबाही।"

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सीएनएन और न्यूयॉर्क टाइम्स को कोसने लगे ट्रंप

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में दो अमेरिकी न्यूज़ चैनल को खुफिया रिपोर्ट सार्वजनिक करने के लिए कोसा और इसे फर्जी करार दिया। उन्होंने लिखा, "फर्जी खबरें देने वाली CNN और फेल हो रही न्यूयॉर्क टाइम्स ने मिलकर इतिहास के सबसे कामयाब सैन्य हमलों में से एक को बदनाम करने की कोशिश की है। ईरान के परमाणु ठिकाने पूरी तरह तबाह हो चुके हैं। जनता इन दोनों को खूब लताड़ रही है।"

इसी तरह, नेतन्याहू ने मंगलवार को एक टीवी संबोधन में दावा किया कि उन्होंने और ट्रंप ने मिलकर ईरान के परमाणु प्रोग्राम को खंडहर में तब्दील कर दिया और इस संयुक्त इजरायली-अमेरिकी ऑपरेशन को 'ऐतिहासिक' बताया था।