'पुतिन को मारने की कोशिश की...' बाइडन प्रशासन पर लगे गंभीर आरोप; पूर्व अमेरिकी एंकर के दावे से मचा बवाल
फॉक्स न्यूज के पूर्व एंकर टकर कार्लसन ने बाइडन प्रशासन पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन को मारने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। कार्लसन ने पूर्व अमेरिकी विदेश मंत्री टोनी ब्लिकंन पर भी गंभीर आरोप लगाए। बता दें कि कार्लसन को 2023 में फॉक्स न्यूज से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था। वह फिलहाल अपना एक पॉडकास्ट चलाते हैं।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कंजरवेटिव अमेरिकी पंडित और फॉक्स न्यूज के पूर्व एंकर टकर कार्लसन ने बाइडन प्रशासन पर एक सनसनीखेज आरोप लगाया है। कार्लसन ने कहा कि बाइडन प्रशासन ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन की हत्या की कोशिश की थी।
ये आरोप कार्लसन ने अपने लेटेस्ट पॉडकास्ट के दौरान लगाए, जिसमें वह अमेरिकी लेखक और पत्रकार मैट टाइबी के साथ बात कर रहे थे। कार्लसन ने पूर्व अमेरिकी विदेश मंत्री टोनी ब्लिंकन के एक ऐसा व्यक्ति बताया, जिसने वास्तव में युद्ध पर जोर दे रहा था और पुतिन को मारने का प्रयास कर रहा था।
फॉक्स न्यूज से बाहर किए गए थे कार्लसन
- हालांकि कार्लसन के दावे का कोई ठोस सबूत नहीं है और उनके बयान ने व्यापक विवाद को जन्म दिया है। उन्हें 2023 में फॉक्स न्यूज़ से बाहर कर दिया गया था, जब नेटवर्क 2020 के अमेरिकी राष्ट्रपति पद की दौड़ में चुनावी धोखाधड़ी के गलत दावों को प्रसारित करने के कारण लीगल केस का सामना कर रहा था।
बाइडन प्रशासन ने ऐसा किया। उन्होंने पुतिन को मारने की कोशिश की। यह पागलपन है। ऐसा कुछ सोचना भी सनकीपन है। तो वो ऐसा कर क्यों रहे थे? क्योंकि अराजकता के नाम पर वह इसे छिपा सकते थे।
- टकर कार्लसन
- बाइडन प्रशासन ने अभी तक इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने इस मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि रूसी स्पेशल सर्विस पुतिन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक उपाय कर रही हैं।
ये फॉक्स न्यूज के पूर्व एंकर हैं... क्या कह रहे हैं जरा सुनिए pic.twitter.com/3SY6F2Rf3A
— Swaraj Srivastava (@SwarajAjad) January 28, 2025 - पेसकोव ने कहा, 'रूसी स्पेशल सर्विस पब्लिक सेफ्टी सुनिश्चित करने के लिए लगातार सभी आवश्यक उपाय कर रही है। साथ ही उन लोगों की भी, जो स्टेट प्रोटेक्शन में हैं। यह सबसे पहले और सबसे महत्वपूर्ण रूप से राष्ट्राध्यक्ष से संबंधित है।'
विवादित रहा है कार्लसन का इतिहास
कार्लसन का पहले से ही क्रेमलिन की बातों को दोहराने और यूक्रेन के लिए अमेरिकी सैन्य सहायता की आलोचना करने का रिकॉर्ड है। उनकी हालिया टिप्पणी ने आग में घी डालने का काम किया है।
उन्होंने यहां तक कहा है कि 'आप इसे बार-बार नहीं कह सकते, यूक्रेन एक लोकतंत्र नहीं है। अमेरिकी टर्म में आप यूक्रेन को एक तानाशाही कहेंगे।" पुतिन और विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ उनके इंटरव्यू की काफी आलोचना हुई थी।
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