यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 13, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
चीन-पाकिस्तान के मंसूबों पर अमेरिका ने फेरा पानी, सबसे बड़े प्रोजेक्ट को कहा STOP
अमेरिका ने गुरुवार को चीन और पाकिस्तान के नापाक मंसूबों पर पानी फेर दिया। अमेरिकी विदेशी विभाग ने मिसाइल प्रतिबंध ...और पढ़ें

HighLights
- पाकिस्तान की मदद करने वाली कंपनियों पर पिछले साल भी की थी सख्ती
- अमेरिका ने एक चीनी नागरिक लुओ डोंगमेई पर भी लगाया प्रतिबंध
पीटीआई, वाशिंगटन। अमेरिकी विदेश विभाग ने गुरुवार को पाकिस्तान की बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को आपूर्ति करने के लिए चार चीनी कंपनियों, एक पाकिस्तानी कंपनी और एक चीनी शख्स पर प्रतिबंध लगाया है। गुरुवार को विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने कहा कि मिसाइल प्रतिबंध कानून के तहत अमेरिका ने बीजिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ मशीन बिल्डिंग इंडस्ट्री (आरआइएबीएम) पर प्रतिबंध लगाया है।
पाकिस्तान और चीन का प्रोजेक्ट
अमेरिका द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि बीजिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट ने शाहीन-3 और अबाबील सहित बड़े-व्यास वाले रॉकेट मोटर्स के परीक्षण के लिए उपकरण खरीद के साथ ही पाकिस्तान की लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों के विकास और उत्पादन में एनडीसी के साथ काम किया था।
चीन आधारित तीन कंपनियों पर बैन
इसके अलावा चीन आधारित तीन अन्य कंपनियों और एक शख्स पर प्रतिबंध लगाया गया है। इनमें हुबेई हुआचांगडा इंटेलिजेंट इक्विपमेंट कंपनी, यूनिवर्सल एंटरप्राइजेज लिमिटेड और शीआन लॉन्गडे टेक्नोलाजी डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड शामिल हैं।
लुओ डोंगमेई पर भी लगा प्रतिबंध
वहीं, एक चीनी नागरिक लुओ डोंगमेई पर प्रतिबंध लगाया गया है। उनपर एमटीसीआर श्रेणी-1 मिसाइल कार्यक्रमों के लिए मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण व्यवस्था (एमटीसीआर) अनुबंध के तहत नियंत्रित उपकरण और प्रौद्योगिकी को जानबूझकर गैर-एमटीसीआर देश में स्थानांतरित करने को लेकर कार्रवाई की गई है।
