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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 08, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अमेरिका में भी कनाडा के जंगलों की आग का असर, कैसे करोड़ों लोग ले रहे जहरीली सांस: 5 प्वाइंट में समझें

By AgencyEdited By: Mahen Khanna
Published: Thu, 08 Jun 2023 02:05 PM (IST)

Canadian Forest Fire कनाडा के जंगल की आग का धुआं अमेरिका के पूर्वी तट तक फैलने लगा है। दोनों देशों ...और पढ़ें

Canadian Forest Fire कनाडा के जंगलों में आग का कहर।
Canadian Forest Fire कनाडा के जंगलों में आग का कहर।

न्यूयॉर्क, एजेंसी। Canadian Forest Fire कनाडा के जंगलों में लगी भीषण आग का असर अमेरिका तक देखने को मिल रहा है। जंगल की आग का धुआं अमेरिका के पूर्वी तट और मिडवेस्ट में बुधवार को फैल गया, जिससे दोनों देशों की राजधानियां खराब धुंध में घिर गईं।

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कहा है कि देश आज तक के इतिहास में अपने "सबसे खराब जंगल की आग" से गुजर रहा है। इस बीच उनसे अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने फोन पर बात कर सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है।

इस आग के कारण करोड़ों लोग साफ हवा के लिए तरस रहे हैं। आइए 5 प्वाइंट में जाने क्या है पूरा मामला...

  1. कैनेडियन नेशनल फायर डेटाबेस के अनुसार, कनाडा के जंगलों के 3.8 मिलियन हेक्टेयर से अधिक में आग लगी है जो न्यू जर्सी के आकार का लगभग दोगुना है।
  2. कई हवाईअड्डे ठप्पः इस आग के चलते कई प्रमुख हवाईअड्डों पर उड़ानें ठप हो गईं है, मेजर बेसबॉल लीग को स्थगित कर दिया गया और लोगों को फेस मास्क पहनने की हिदायत दी जा रही है।
  3. कनाडा की राजधानी ओटावा के डाउनटाउन में धुआं इतना घना है कि ओटावा नदी के दूसरी ओर कार्यालय टॉवर मुश्किल से दिखाई दे रहे हैं।
  4. कनाडा में जंगल की आग के कारण 20,000 से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं। क्यूबेक में 150 से ज्यादा सक्रिय आग की घटनाओं के कारण न्यूयॉर्क में काफी प्रदूषण हो रहा है। बुधवार दोपहर तक, न्यूयॉर्क शहर में दुनिया के किसी भी शहर की तुलना में सबसे खराब वायु प्रदूषण था।
  5. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कनाडाई पीएम ट्रूडो से हाल ही में बात की और विनाशकारी और ऐतिहासिक जंगल की आग पर काबू पाने के लिए अतिरिक्त सहायता की पेशकश की। ट्रूडो ने इसके लिए ट्विटर पर बाइडन को धन्यवाद दिया। बता दें कि इस आग का दोनों देशों के लगभग 10 करोड़ लोगों पर असर देखा जा रहा है।