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USA: अमेरिका में भारतीय दूतावास पर हमले का प्रयास विफल, राजदूत संधू को दी धमकियां

लाठी-डंडों के साथ आए थे खालिस्तान समर्थक प्रदर्शनकारी- राजदूत संधू को दी धमकियां भारतीय पत्रकार से मारपीट- सीक्रेट सर्विस और पुलिस की तत्परता से नहीं बिगड़े हालात। साथ ही भारतीय दूतावास की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए लोगों को उकसाया गया।

By AgencyEdited By: Shashank MishraPublished: Sun, 26 Mar 2023 08:29 PM (IST)Updated: Sun, 26 Mar 2023 08:29 PM (IST)
भारतीय दूतावास की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए लोगों को उकसाया गया।

वाशिंगटन, पीटीआई। अमेरिका में खालिस्तान समर्थकों ने दुस्साहस दिखाते हुए रविवार को वाशिंगटन स्थित भारतीय दूतावास पर हमले की कोशिश की लेकिन सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता के चलते उनका प्रयास विफल हो गया। हिंसक प्रदर्शन के लिए इन लोगों ने दूतावास भवन पर पहुंचने से पहले भारतीय राजदूत को भी धमकियां दीं लेकिन सीक्रेट सर्विस और अमेरिकी पुलिस के आगे उनकी एक न चली। इससे पहले अलगाववादी सिखों ने अमेरिका में भारतीय राजदूत तरनजीत सिंह संधू के लिए गाली-गलौज वाली भाषा का इस्तेमाल करते हुए उन्हें धमकियां दीं।

पुलिस ने हिंसक प्रदर्शनकारियों के प्रयासों को विफल किया

इस प्रदर्शन के समय संधू दूतावास में नहीं थे। प्रदर्शनकारियों ने वहां मौजूद पीटीआइ के संवाददाता के साथ अभद्रता करने के साथ ही मारपीट की। विरोध प्रदर्शन के दौरान दिए भाषण में हिंसा के लिए उकसाने वाली बातें कही गईं। साथ ही भारतीय दूतावास की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए लोगों को उकसाया गया। लेकिन स्थिति बिगड़ने से पहले ही अमेरिका की सीक्रेट सर्विस के एजेंट और पुलिस ने सक्रिय होकर हिंसक प्रदर्शनकारियों के प्रयासों को विफल कर दिया।

भारतीय दूतावास के आसपास सुरक्षा बलों की व्यापक तैनाती की गई है। तीन वाहनों में आए सुरक्षाकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को हिंसा के दुष्परिणामों से चेताया है। दूतावास के सामने की चौड़ी सड़क के पार शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन की दी गई अनुमति का एक समय पांच प्रदर्शनकारियों ने उल्लंघन किया। वे सड़क पार कर भारतीय दूतावास के नजदीक पहुंच गए और उन्होंने वहां लगे अवरोधकों को हटाने की कोशिश की। यह वह स्थान है जहां पर भारत का राष्ट्रध्वज फहरा रहा है। उसी समय सीक्रेट सर्विस के एजेंटों ने उन्हें सख्त चेतावनी देते हुए प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल पर वापस जाने के लिए कहा। इसके बाद सभी पांच युवक वापस लौट गए।

मंसूबे हुए नाकामयाब

प्रदर्शनकारियों को नजदीक से देखने पर पता चला कि वे अपने साथ डंडों के बंडल लेकर आए थे जिनसे वे भारतीय दूतावास की संपत्ति को नुकसान पहुंचाना और मारपीट करना चाहते थे। इससे साबित हो गया कि प्रदर्शनकारी सैन फ्रांसिस्को में स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास और लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग जैसी हिंसा करने के षडयंत्र के साथ आए थे लेकिन सुरक्षाकर्मियों की सक्रियता से उनके मंसूबे कामयाब नहीं हुए।

इन दोनों घटनाओं पर भारत ने कड़ा विरोध जताया था। वाशिंगटन में भारतीय पत्रकारों से अभद्रता और उन पर हमले की भारत सरकार और भारतीय दूतावास ने कड़ी निंदा की है। साथ ही दोषियों को गिरफ्तार कर उन पर सख्त कार्रवाई की अपेक्षा की है। भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद रो खन्ना और भारतीय समुदाय के नेता अजय भूटोरिया ने भी इस घटना की निंदा की है।


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