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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 15, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

America: चंद्रमा पर इतिहास रचने को तैयार यह निजी कंपनी, मून लैंडर ओडिसी सफलतापूर्वक लॉन्च

By Agency Edited By: Anurag Gupta
Published: Thu, 15 Feb 2024 07:22 PM (IST)

नासा की मदद से गुरुवार को अमेरिकी कंपनी इंटुएटिव मशीन्स ने मून लैंडर ओडिसी को लॉन्च करने में सफलता हासिल ...और पढ़ें

मून लैंडर ओडिसी सफलतापूर्वक लॉन्च (फोटो: एएफपी/ एपी)
मून लैंडर ओडिसी सफलतापूर्वक लॉन्च (फोटो: एएफपी/ एपी)

HighLights

  1. चंद्रमा पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएगी निजी कंपनी
  2. 22 फरवरी को चंद्रमा के दक्षिणी पोल पर उतारने का लक्ष्य
  3. जनवरी में अन्य निजी कंपनी का मिशन सफल नहीं हो पाया था

एपी, वाशिंगटन। नासा (NASA) की मदद से गुरुवार को अमेरिकी कंपनी इंटुएटिव मशीन्स ने मून लैंडर ओडिसी को लॉन्च करने में सफलता हासिल की है। इसका नाम कवि होमर के हीरो के नाम पर रखा गया है। पहले इसे 14 फरवरी को लॉन्च किया जाना था, लेकिन ईंधन संबंधी समस्या के कारण इसमें देरी हुई। अबतक अमेरिका, रूस, चीन, भारत और जापान ने चंद्रमा पर सफल मिशन भेजा है। हालांकि, किसी निजी फर्म की ओर से अबतक ऐसा संभव नहीं हो पाया है।

किस कंपनी ने लूनर लैंडर किया था लॉन्च?

जनवरी में एक अन्य निजी कंपनी एस्ट्रोबायोटिक टेक्नालाजी ने लूनर लैंडर लॉन्च किया था, लेकिन यह सफल नहीं हो पाया था। नासा के केनेडी स्पेस सेंटर से स्पेस एक्स का फॉल्कन-9 रॉकेट आधी रात को लॉन्च किया गया।

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कब उतरेगा छह पैरों वाला लैंडर

ह्यूस्टन आधारित कंपनी अपने 4.3 मीटर ऊंचे और छह पैरों वाले लैंडर को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव से सिर्फ 300 किलोमीटर की दूरी पर मालापार्ट क्रेटर के पास 22 फरवरी को उतारने का प्रयास करेगी। यह क्षेत्र क्रेटर और क्लिफ से भरा हुआ है। यह वही इलाका है, जहां आने वाले समय में नासा अंतरिक्ष यात्रियों को उतारने की योजना बना रहा है। नासा ने इसे लेकर छह उपकरण भेजे हैं। इसमें नेविगेशन और वहां अन्य रिसर्च के लिए उपकरण शामिल हैं।

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सफल होने पर मिशन लगभग 50 वर्षों के बाद अमेरिका को चंद्र क्षेत्र में वापस लाएगा। दिसंबर 1972 में अपोलो 17 के बाद से अमेरिका ने चंद्रमा पर उतरने का प्रयास नहीं किया है।