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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 16, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

रूस पर अमेरिका की कार्रवाई, 19 रूसियों और पांच संगठनों पर लगाई रोक

By Nancy BajpaiEdited By:
Published: Fri, 16 Mar 2018 09:19 AM (IST)

प्रतिबंधित लोग और संगठन अमेरिकी नागरिकों, संस्थाओं और कंपनियों से किसी तरह का संबंध नहीं रख सकेंगे।

रूस पर अमेरिका की कार्रवाई, 19 रूसियों और पांच संगठनों पर लगाई रोक
रूस पर अमेरिका की कार्रवाई, 19 रूसियों और पांच संगठनों पर लगाई रोक

वॉशिंगटन (एजेंसी)। अमेरिका ने रूस के 19 व्यक्तियों और पांच समूहों पर प्रतिबंध लगा दिया है। प्रतिबंधित समूहों में रूस का खुफिया संगठन एफएसबी और जीआरयू भी शामिल है। प्रतिबंधित लोग और संगठन अमेरिकी नागरिकों, संस्थाओं और कंपनियों से किसी तरह का संबंध नहीं रख सकेंगे। अमेरिका ने यह कार्रवाई 2016 में हुए राष्ट्रपति चुनाव में नतीजे प्रभावित करने के लिए रूसी हस्तक्षेप और साइबर अटैक की घटनाओं के लिए की है।

रूस ने कहा है कि वह इसका जवाब देगा। अमेरिका के वित्त मंत्री स्टीव नूचिन ने कहा कि यह कार्रवाई रूसी सरकार के अधिकारियों और साइबर अटैक करने वाले गिरोहों की अराजकता पैदा करने वाली गतिविधियों के चलते की गई है। ये प्रतिबंध कितने दिनों के लिए लागू किए गए हैं, वित्त मंत्रालय ने इसे स्पष्ट नहीं किया है।

नूचिन ने कहा कि जिन लोगों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं उनके अमेरिकी आर्थिक तंत्र में घुसपैठ करने की आशंका थी। उन्होंने कहा, यह कार्रवाई रूसी नागरिकों की द्वेषपूर्ण ऑनलाइन गतिविधियों को देखते हुए की गई है। इन्हीं गतिविधियों का नतीजा था कि राष्ट्रपति चुनाव में हस्तक्षेप किया गया और महत्वपूर्ण स्थलों के साइबर ढांचे पर हमले की कोशिश की गई।

अमेरिकी एजेंसियों का मानना है कि 2016 के चुनाव में रूस ने बाकायदा दुष्प्रचार और साइबर अटैक के जरिए परिणाम प्रभावित किया। चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पक्ष लिया गया। हालांकि रूस ने अमेरिकी चुनाव में अपनी नकारात्मक भूमिका से इनकार किया है। चुनाव के बाद हस्तक्षेप की खुफिया रिपोर्ट मिलने पर तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने तीन दर्जन से ज्यादा रूसी राजनयिकों को देश से बाहर जाने का आदेश दिया था।