वाशिंगटन, प्रेट्र: पाकिस्तान को एफ-16 लड़ाकू विमानों के उच्चीकरण के लिए 45 करोड़ डालर (3,651 करोड़ रुपये) की धनराशि स्वीकृत करने पर अमेरिका ने सफाई दी है। कहा है कि यह सहायता भारत को संदेश देने के लिए नहीं बल्कि आतंकवाद के खिलाफ अभियान में अमेरिका के सहयोग के लिए पाकिस्तान को दी गई है। इससे पाकिस्तान के परमाणु हथियारों की भी सुरक्षा होगी।

बीती आठ सितंबर को बाइडन प्रशासन ने पाकिस्तान को लड़ाकू विमानों में तकनीक सुधार के लिए 45 करोड़ डालर की धनराशि स्वीकृत की थी। यह निर्णय ट्रंप प्रशासन के उस फैसले को पलटने वाला था जिसमें पाकिस्तान की सारी सैन्य सहायता रोक दी गई थी। ट्रंप प्रशासन ने पाकिस्तान की सैन्य सहायता उसके द्वारा अफगानिस्तान के तालिबान अतिवादियों और हक्कानी नेटवर्क को संरक्षण और सहायता देने के कारण रोकी थी। पाकिस्तान को सैन्य सहायता देने पर भारत ने कड़ी आपत्ति जताते हुए चिंता जताई है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने अमेरिकी समकक्ष लायड आस्टिन को फोन कर पाकिस्तान को सहायता देने से भारत के हित प्रभावित होने की बात कही है। भारत की आपत्ति से जुड़े प्रश्न के उत्तर में अमेरिका के सहायक रक्षा मंत्री डा. एली रैटनर ने कहा, पाकिस्तान के लिए स्वीकृत सहायता भारत को किसी प्रकार का संदेश देने के लिए नहीं है। पाकिस्तान की सहायता का भारत और रूस के संबंधों से कोई वास्ता नहीं है। यह सहायता अमेरिका के हितों को ध्यान में रखते हुए और पाकिस्तान के साथ सैन्य सहयोग के अंतर्गत स्वीकृत की गई है।

Edited By: Amit Singh

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