विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 15, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पाक सेना ने 1971 में बांग्लादेश में किया था नरसंहार, अमेरिकी सांसदों ने प्रतिनिधि सभा में पेश किया प्रस्ताव

By AgencyEdited By: Achyut Kumar
Published: Sat, 15 Oct 2022 10:42 AM (IST)

1971 Bengali Genocide अमेरिकी सांसदों ने प्रतिनिधि सभा में एक प्रस्ताव पेश किया है। इस प्रस्ताव में राष्ट्रपति से 1971 ...और पढ़ें

1971 Bengali Genocide: बांग्लादेश में 1971 में हुआ नरसंहार
1971 Bengali Genocide: बांग्लादेश में 1971 में हुआ नरसंहार

वाशिंगटन, पीटीआइ। दो प्रभावशाली अमेरिकी सांसदों ने प्रतिनिधि सभा में एक प्रस्ताव पेश किया है। इस प्रस्ताव के जरिए उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति से 1971 में पाकिस्तानी सशस्त्र बलों द्वारा जातीय बंगालियों और हिंदुओं के खिलाफ किए गए अत्याचारों को नरसंहार के रूप में मान्यता देने का आग्रह किया है।

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में प्रस्ताव पेश

भारतीय-अमेरिकी कांग्रेसी रो खन्ना (Ro Khanna) और कांग्रेसी सेव चाबोट (Seve Chabot) ने शुक्रवार को अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में प्रस्ताव पेश किया, जिसमें अन्य बातों के अलावा, पाकिस्तान सरकार से बांग्लादेश के लोगों से इस तरह के नरसंहार में अपनी भूमिका के लिए माफी मांगने का आह्वान किया गया है।

'स्मृतियों को मिटाने नहीं देना चाहिए'

रिपब्लिकन पार्टी के सदस्य चाबोट ने एक ट्वीट में कहा, 'हमें उन लाखों लोगों की स्मृति को वर्षों से मिटाने नहीं देना चाहिए, जिनका नरसंहार किया गया था। नरसंहार को स्वीकार करने से ऐतिहासिक रिकार्ड मजबूत होता है, हमारे साथी अमेरिकियों को शिक्षित किया जाता है और अपराधियों को पता चलता है कि ऐसे अपराधों को बर्दाश्त या भुलाया नहीं जाएगा।'

ये भी पढ़ें: Genocide In Bangladesh:1971 के नरसंहार पर फिर बौखलाया बांग्लादेश, UN में उठाई युद्ध को मान्यता देने की मांग

'1971 के नरसंहार को नहीं भूलना चाहिए'

चाबोट ने कहा, '1971 के बांग्लादेश नरसंहार को नहीं भूलना चाहिए। ओहियो के पहले जिले में मेरे हिंदू घटकों की मदद से, रो खन्ना और मैंने यह पहचानने के लिए कानून पेश किया कि बंगालियों और हिंदुओं के खिलाफ किए गए सामूहिक अत्याचार वास्तव में एक नरसंहार थे।'

खन्ना ने ट्वीट कर दी जानकारी

एक डेमोक्रेट और कैलिफोर्निया के 17वें कांग्रेस जिले के अमेरिकी प्रतिनिधि खन्ना ने ट्वीट किया कि उन्होंने चाबोट के साथ 1971 के बंगाली नरसंहार की याद में पहला प्रस्ताव पेश किया, जिसमें लाखों जातीय बंगाली और हिंदू मारे गए या 'हमारे' समय के सबसे भूले हुए नरसंहारों में से एक में विस्थापित हुए।

'1971 के नरसंहार में लाखों लोग मारे गए'

ओहियो के पहले कांग्रेस जिले के अमेरिकी प्रतिनिधि चाबोट ने कहा कि 1971 में बांग्लादेश (जो उस समय पूर्वी पाकिस्तान था) में एक नरसंहार हुआ था, जिसमें लाखों लोग मारे गए थे।  मारे गए लोगों में से लगभग 80 प्रतिशत हिंदू थे। 

बांग्लादेशी समुदाय ने किया स्वागत

अमेरिकी सांसदों के इस प्रस्ताव का बांग्लादेशी समुदाय ने स्वागत किया है। सलीम रजा नूर, जिनके परिवार के सदस्यों की 1971 में सशस्त्र इस्लामवादियों द्वारा बेरहमी से हत्या कर दी गई थी, ने 51 साल की निराशा के बाद राहत व्यक्त की। नूर ने कहा, 'हमारे नरसंहार को आखिरकार अमेरिकी कांग्रेस में मान्यता मिल रही है।' 

'1971 के नरसंहार में मारे गए लोगों को किया जाएगा याद'

बांग्लादेश अल्पसंख्यकों के लिए मानवाधिकार कांग्रेस (HRCBM) की कार्यकारी निदेशक प्रिया साहा ने कहा, 'बांग्लादेश की स्वतंत्रता की इस 51वीं वर्षगांठ पर, हम आशा करते हैं कि बांग्लादेश में लाखों लोग, जिन्हें 1971 में पाकिस्तानी सेना और उनके सहयोगियों द्वारा व्यवस्थित रूप से नष्ट कर दिया गया था, को औपचारिक रूप से याद किया जाएगा।'

'बेरहमी से की गई हत्या'

बांग्लादेश में हिंदू समुदाय से संसद सदस्य अरोमा दत्ता, जिनके दादा और चाचा पाकिस्तान सशस्त्र बलों द्वारा मारे गए थे, ने कहा, 'मेरे दादा, धीरेंद्र नाथ दत्ता (85 वर्ष), उनके बेटे दिलीप दत्ता (40 वर्ष) को 29 मार्च, 1971 को क्रूर पाकिस्तानी सेना ने उठा लिया था।' उन्होंने कहा, 'उन्हें कमिला में मैनमाती छावनी में ले जाया गया, दो सप्ताह से अधिक समय तक बेरहमी से प्रताड़ित किया गया और उनकी हत्या कर दी गई। उनके शवों को एक खाई में फेंक दिया गया, जो कभी नहीं मिला।'

'हत्यारों को सजा मिले'

उन्होंने कहा, 'मैं चाहती हूं कि बुजुर्गों, युवतियों और बच्चों सहित निर्दोष लोगों की हत्या के लिए हत्यारों को सजा मिले।'

ये भी पढ़ें: US-Pakistan-China: एक अमेरिकी दस्‍तावेज ने कैसे बढ़ाई पाकिस्‍तान और चीन की धड़कनें, क्‍या है इसमें ऐसा खास