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    West Bengal: मुर्शिदाबाद में बम बनाते समय भयानक विस्फोट, एक बदमाश की मौत, दो के हाथ उड़े, दहशत

    By Sumita JaiswalEdited By:
    Updated: Tue, 05 Jul 2022 12:49 PM (IST)

    बांग्लादेश की सीमा से सटे मुर्शिदाबाद जिले से अक्सर अवैध बमों की बरामदगी व बम विस्फोट की घटना सामने आती रही है। कुछ माह पहले भी मुर्शिदाबाद जिले में बम बनाते समय विस्फोट से एक बदमाश की मौत हो गई थी। घटना भी डोमकाल थाना क्षेत्र में ही घटी।

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    मुर्शिदाबाद जिले में बम बनाते समय विस्फोट। सांकेतिक तस्‍वीर।

    कोलकाता, राज्य ब्यूरो। बंगाल के बीरभूम जिले से हाल में डोटेनेटर व अमोनियम नाइट्रेट का बड़ा जखीरा बरामद होने का मामला अभी शांत ही नहीं पड़ा था कि पास के मुर्शिदाबाद जिले में बम बनाते समय विस्फोट हो जाने से एक बदमाश की मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह घटना जिले के डोमकाल थाना क्षेत्र में सोमवार देर रात घटी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां के बघारपुर के रमना मंडलपारा में एक सुनसान जगह पर बदमाश बम तैयार कर रहे थे। तभी अचानक जोरदार धमाका हो गया। इसमें एक बदमाश की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं, विस्फोट में घायल  बदमाश के दोनों हाथ उड़ गए। उसे गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना से इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

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    बताते चलें कि बांग्लादेश की सीमा से सटे मुर्शिदाबाद जिले से अक्सर अवैध बमों की बरामदगी व बम विस्फोट की घटना सामने आती रही है। कुछ माह पहले भी मुर्शिदाबाद जिले में बम बनाते समय विस्फोट से एक बदमाश की मौत हो गई थी। यह घटना भी डोमकाल थाना क्षेत्र में ही घटी थी। बता दें कि इससे पहले बीरभूम जिले के नलहाटी इलाके से राज्य पुलिस के स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने गुरुवार रात 81,000 डेटोनेटर की बड़ी खेप जब्त किया था। इसके अगले दिन शुक्रवार को एसटीएफ ने उसी इलाके से 28,000 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट भी जब्त किया। वहीं, जब्त विस्फोटकों की भारी मात्रा और मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) ने भी इसकी जांच कर की है। खासकर इतनी मात्रा में विस्फोटकों के एकत्र होने के कारण का पता लगाने के लिए एनआइए ने यह कदम उठाया है। इसके पीछे किसी आतंकवादी या माओवादी संगठनों का लिंक तो नहीं है, एनआइए इसकी पड़ताल कर रही है। गौरतलब है कि बीरभूम जिला राजनीतिक हिंसा के लिए हमेशा सुर्खियों में रहा है। एसटीएफ भी इस मामले की पड़ताल कर रही है।