Kolkata: 'बोर्ड गठन की बैठक में गलती से हारे हुए प्रत्याशी को बुलाया गया', राज्य सरकार ने अदालत में मानी भूल
राज्य सरकार ने दक्षिण 24 परगना जिले के भांगड़ में पंचायत बोर्ड के गठन के लिए हुई बैठक में इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) के विजयी प्रत्याशी को आमंत्रित करने के बजाय सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस के पराजित प्रत्याशी को बुलाने के मामले में अपनी गलती स्वीकार कर ली है। इस मामले पर सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के अधिवक्ता ने न्यायाधीश अमृता सिन्हा के सामने गलती को स्वीकार कर लिया।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। राज्य सरकार ने दक्षिण 24 परगना जिले के भांगड़ में पंचायत बोर्ड के गठन के लिए हुई बैठक में इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) के विजयी प्रत्याशी को आमंत्रित करने के बजाय सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस के पराजित प्रत्याशी को बुलाने के मामले में अपनी गलती स्वीकार कर ली है।
राज्य सरकार ने मानी गलती
मंगलवार को कलकत्ता हाई कोर्ट में इस मामले पर सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के अधिवक्ता ने न्यायाधीश अमृता सिन्हा के सामने गलती को स्वीकार कर लिया। आईएसएफ प्रत्याशी बशीरुद्दीन सर्दार ने इसे लेकर हाई कोर्ट में मामला किया था।
कहा है पूरा मामला?
उन्होंने कहा था कि तृणमूल प्रत्याशियों के पंचायत चुनाव हार जाने के बावजूद उन्हें बोर्ड गठन के लिए भांगड़- दो नंबर ब्लाक के प्रखंड विकास अधिकारी (बीडीओ) की ओर से बोर्ड गठन की बैठक में बुलाया गया जबकि जीतने के बावजूद उन्हें नहीं बुलाया गया। बशीरुद्दीन ने आरोपित बीडीओ के खिलाफ विरुद्ध जांच का अदालत से अनुरोध किया है।
उल्लेखनीय है कि भोगाली-एक ग्राम पंचायत में बशीरुद्दीन ने जीत दर्ज की थी। उन्हें 595 वोट मिले थे जबकि प्रतिद्वंदी तृणमूल के आखेर अली मोल्ला को 387 वोट मिले थे। राज्य चुनाव आयोग ने बशीरुद्दीन को विजयी घोषित किया था। उन्हें इसका प्रमाणपत्र भी मिला था। बता दें कि इस पंचायत में बुधवार दोपहर 12 बजे से सदस्यों के शपथ लेने व बोर्ड गठन की प्रक्रिया शुरू होगी।
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