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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 11, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Mamata Banerjee Nandigram Accident: ममता बनर्जी पर कथित हमले के खिलाफ चुनाव आयोग जाएंगे तृणमूल कांग्रेस के नेता

By Priti JhaEdited By:
Published: Thu, 11 Mar 2021 10:16 AM (IST)Updated: Thu, 11 Mar 2021 10:42 AM (IST)

West Bengal Assembly Election 2021 तृणमूल कांग्रेस के महासचिव व राज्य के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने कहा कि वह ...और पढ़ें

नंदीग्राम में बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हुए कथित हमले
नंदीग्राम में बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हुए कथित हमले

कोलकाता, राज्य ब्यूरो।  Mamata Banerjee Nandigram Accident: नंदीग्राम में बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हुए कथित हमले को लेकर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने चुनाव आयोग जाने का फैसला किया है। तृणमूल कांग्रेस के महासचिव व राज्य के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने कहा कि वह इस मामले को संवैधानिक अथॉरिटी के सामने रखेंगे। उन्होंने कहा, 'ममता बनर्जी को रोकने के लिए कायर कोशिश करते रहे हैं लेकिन कोई नहीं रोक पाया।

पार्थ में आरोप लगाया कि सबसे पहले राज्य के एडीजी (कानून व्यवस्था) को हटा दिया गया, फिर पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और अब यह सब हुआ...। मुझे यह देखकर आश्चर्य हुआ कि इतने सारे बदलाव करने वाला चुनाव आयोग भी चुप है। उन्हें इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।' तृणमूल कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल आज ही इस घटना के खिलाफ चुनाव आयोग से मिलेगा। गौरतलब है कि इस घटना को लेकर चुनाव आयोग ने बुधवार शाम में ही जिला प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। दूसरी ओर राज्य में चुनाव आयोग के पर्यवेक्षक विवेक दुबे ने कहा है कि इस मामले की जांच के बाद ही सच्चाई का पता चलेगा।

ममता पर हुआ था कथित हमला

गौरतलब है कि बुधवार को नंदीग्राम सीट से नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद ममता कई मंदिरों में गईं। शाम में एक मंदिर से बाहर निकलने के बाद वह चोटिल हो गईं। हालांकि ममता ने आरोप लगाया कि चार-पांच लोगों ने उन्हें धक्का दिया और वह गिर गईं। उनके अनुसार उनका पैर सूज गया और उनके सीने में दर्द और बुखार सा महसूस हो रहा है। उन्होंने इसके पीछे साजिश के तहत उन पर हमला करने का आरोप लगाया।

वहीं, विपक्षी भाजपा व कांग्रेस ने इसे नाटक करार देते हुए विधानसभा चुनाव में संभावित हार को देखते हुए सहानुभूति बटोरने का स्टंट बताया। इस घटना के बाद ममता को ग्रीन कॉरिडोर बनाकर नंदीग्राम से बुधवार देर शाम ही कोलकाता लाया गया। कोलकाता में राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एसएसकेएम में तुरंत उनका इलाज शुरू किया गया, जहां अभी वे भर्ती हैं। राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री के इलाज के लिए पांच वरिष्ठ डॉक्टरों की एक मेडिकल बोर्ड गठित की है। इधर, एक्स-रे व एमआरआइ के बाद डॉक्टरों का कहना है कि ममता के शरीर में कई जगहों पर गंभीर चोटें हैं। उन्हें 48 घंटे तक अभी डॉक्टरों की निगरानी में अस्पताल में ही रखा जाएगा।