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    West Bengal Assembly Election 2021: मुर्शिदाबाद में मतों के ध्रुवीकरण में जुटी पार्टियां

    By Sanjay PokhriyalEdited By:
    Updated: Tue, 06 Apr 2021 07:55 AM (IST)

    West Bengal Assembly Election 2021 कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी भी मुर्शिदाबाद से ही आते हैं। मनमोहन सरकार में वे रेल राज्यमंत्री भी रह चुके हैं। जंगीपुर अनुमंडल कार्यालय में सोमवार को मुर्शिदाबाद जिले के छह भाजपा प्रत्याशियों ने नामांकन किया।

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    पिछले विधानसभा चुनाव तक भाजपा यहां कमजोर थी, लेकिन इस बार कार्यकर्ताओं में उत्साह दिख रहा है।

    डॉ. प्रणेश/रोहित कुमार। West Bengal Assembly Election 2021 सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण शहरों में शुमार बंगाल के मुर्शिदाबाद में भी चुनावी हवा तेज बह रही है। चुनावी समर में कोई हवा का रुख अपनी ओर करने में ताकत झोंक रहा है तो कोई उसे भांपकर रणनीतियां बनाने में जुटा है। भागीरथी नदीं के किनारे बसे इस शहर को कभी मुगलों ने अपनी राजधानी बनाया था। इलाका मुस्लिम बहुल है, लेकिन यहां सनातन, बौद्ध, जैन और ईसाई मतावलंबियों का भी अनूठा संगम देखने को मिलता है। राजनीतिक रूप से देखें तो मुर्शिदाबाद की जमीन अबतक भाजपा के लिए बंजर ही साबित हुई है। इस जिले की किसी भी विधानसभा सीट पर अब तक कमल नहीं खिल सका है। इसलिए भाजपा कार्यकर्ताओं को यहां कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।

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    पिछले चुनाव में यहां की 22 सीटों में कांग्रेस को 13, तृणमूल को पांच व सीपीएम को चार सीटें मिली थीं। भाजपा प्रत्याशियों को काफी कम मत मिले थे। लोकसभा चुनाव के बाद स्थिति बदली है। पहली बार यहां ओवैसी की पार्टी ने भी अधिकतर सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। तृणमूल व कांग्रेस के प्रत्याशी तो पहले से ही मैदान में हैं। इसलिए लड़ाई के रोचक होने के आसार हैं।

    यहां के जंगीपुर विधानसभा क्षेत्र में 53 फीसद अल्पसंख्यक तो 43 फीसद हिंदू मतदाता हैं। चार फीसद में अन्य सभी हैं। यहां से जाकिर हुसैन पिछली बार तृणमूल के टिकट पर चुने गए थे। इस बार भी पार्टी ने उन्हें टिकट दिया है। यहां अब तक न तो कांग्रेस ने उम्मीदवार दिया और न ही सीपीएम व ओवैसी की पार्टी ने। भाजपा ने यहां सुजीत दास पर दांव लगाया है। सुजीत दास मुर्शिदाबाद उत्तर के जिलाध्यक्ष भी रह चुके हैं। शहर में उनका भी झंडा बैनर दिखता है। अभी सात अप्रैल तक यहां नामांकन होना है। नाम वापसी की तिथि समाप्त होने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। जंगीपुर के किराना दुकानदार सुधीर घोष कहते हैं कि पिछले विधानसभा चुनाव तक भाजपा यहां कमजोर थी, लेकिन इस बार कार्यकर्ताओं में उत्साह दिख रहा है।

    देखिए आगे क्या होता है। कुछ ही दूरी पर लाटरी टिकट बेच रहा युवक चुनाव के संबंध में चर्चा करने पर जोर से जय श्री राम का नारा लगाता है। जंगीपुर लोकसभा सीट से कभी प्रणब मुखर्जी सांसद हुआ करते थे। पिछली बार तृणमूल के उम्मीदवार जीते थे। भाजपा उम्मीदवार मफूजा खातून दूसरे स्थान पर थी। भाजपा ने उनके प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें सागरदिग्घी से प्रत्याशी बनाया है। भाजपा समर्थक उत्तर मुर्शिदाबाद की नौ सीटाें में से पांच-सुती, जंगीपुर, सागर दिग्घी, नवग्राम व खरग्राम में जीत के दावे करते हैं। इनमें सुती, सागरदिग्घी व जंगीपुर में भाजपा मजबूत स्थिति में है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी भी मुर्शिदाबाद से ही आते हैं। मनमोहन सरकार में वे रेल राज्यमंत्री भी रह चुके हैं। जंगीपुर अनुमंडल कार्यालय में सोमवार को मुर्शिदाबाद जिले के छह भाजपा प्रत्याशियों ने नामांकन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं का उत्साह देखते बन रहा था।