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    WB SSC Scam : बंगाल के शिक्षक भर्ती घोटाले में गिरफ्तार अर्पिता मुखर्जी का बड़ा दावा, पैसा मेरा नहीं; मेरी गैरमौजूदगी में रखा गया

    By Priti JhaEdited By:
    Updated: Tue, 02 Aug 2022 01:37 PM (IST)

    अर्पिता मुखर्जी ने मेडिकल जांच के दौरान बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि मेरे घर से जब्त किया गया पैसा मेरा नहीं है। उन्होंने दावा किया कि यह पैसा मेरी गौरमौजूदगी में वहां रखा गया था। अर्पिता के ठिकानों से 50 करोड़ से ज्यादा रुपये बरामद हुए थे।

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    बंगाल के शिक्षक भर्ती घोटाले में गिरफ्तार अर्पिता मुखर्जी

    राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल के शिक्षक भर्ती घोटाले में गिरफ्तार अर्पिता मुखर्जी ने मंगलवार को मेडिकल जांच के लिए जाने के दौरान बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि मेरे घर से जब्त किया गया पैसा मेरा नहीं है। उन्होंने दावा किया कि यह पैसा मेरी गौरमौजूदगी में वहां रखा गया था। दरअसल, कुछ दिन पहले अर्पिता मुखर्जी के ठिकानों से करीब 50 करोड़ से ज्यादा रुपये बरामद हुए थे। इससे पहले पार्थ चटर्जी भी दावा कर चुके हैं कि पैसा उनका नहीं है। चटर्जी ने शुक्रवार को कहा था कि वह ‘‘साजिश का शिकार’’ हुए हैं।

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    इससे पहले सोमवार को ईडी ने कहा था कि घोटाले के आरोप में गिरफ्तार पार्थ चटर्जी जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। एक अधिकारी ने बताया कि चटर्जी ने कथित स्कूल भर्ती घोटाले की जांच के संबंध में ईडी के ज्यादातर सवालों का जवाब नहीं दिया है। पूछताछ के दौरान ज्यादातर वक्त वे चुप ही रहे। वह गिरफ्तारी के बाद से ही हमारे साथ सहयोग नहीं कर रहे हैं। वह अक्सर थकावट की शिकायत करते हैं और हमारे सवालों के जवाब देने से बच रहे हैं। हमने चटर्जी से उनके दावों के बारे में पूछा था कि छापे में बरामद नकदी उनकी है या नहीं? हम इस धन के स्रोत के बारे में पता लगा रहे हैं।

    बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय को अर्पिता मुखर्जी के आठ बैंक खातों में आठ करोड़ रुपये का पता चला है। ईडी इन आठ खातों को पहले ही फ्रीज कर चुकी है। ईडी अधिकारी अब इन खातों के जरिये हुए लेन-देन का पता लगा रहे हैं। ईडी उन स्रोतों का पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इतनी बड़ी राशि किन खातों से इनके पास आई और कहां-कहां भेजी गई। जरूरत पड़ी तो एजेंसी खातों का फोरेंसिक ऑडिट भी करवा सकती है। माना जा रहा है कि फिलहाल ईडी के पास पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी से जानकारी निकलवाने के लिए एक दिन ही बचे हैं, क्योंकि रिमांड की अवधि तीन ही शेष है।

    अर्पिता मुखर्जी के अलावा, पार्थ चटर्जी के दामाद कल्याणमय भट्टाचार्य और उनके मामा कृष्ण चंद्र अधिकारी भी जांच के दायरे में आई कंपनियों के निदेशक पाए गए हैं और आने वाले समय में इनकी जांच भी हो सकती है।