यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 06, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Violence in Bengal: टीएमसी कार्यकर्ता ने भाजपा नेता मिथुन चक्रवर्ती व दिलीप घोष के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत
बंगाल में चुनाव नतीजों के बाद से जारी राजनीतिक हिंसा के बीच सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कार्यकर्ता मृत्युंजय पॉल ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, कोलकाता : बंगाल में चुनाव नतीजों के बाद से जारी राजनीतिक हिंसा के बीच सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कार्यकर्ता मृत्युंजय पॉल ने अभिनेता और भाजपा नेता मिथुन चक्रवर्ती और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। इसमें उन्होंने दोनों नेताओं पर पूरे राज्य में हिंसा फैलाने के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं को उकसाने और भड़काने का आरोप लगाया है।
गौरतलब है कि चुनाव नतीजों के बाद से लगातार भाजपा कार्यकर्ताओं पर राज्य भर में हमले हो रहे हैं। इस बीच अब तृणमूल कार्यकर्ताओं ने उल्टे दिलीप घोष और मिथुन चक्रवर्ती के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। इधर, प्रदेश भाजपा के नेताओं ने इसे राजनीति से प्रेरित बताया है और कहा कि तृणमूल झूठ का सहारा लेकर लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।
अमेरिका में तेजी से बढ़ी हैं एशियाई मूल के लोगों पर हमले की घटनाएं
राज्य ब्यूरो, कोलकाता : अमेरिका में एशियाई मूल के लोगों पर हमले की घटनाएं हाल के समय में तेजी से बढ़ी हैं। ईस्ट वेस्ट सेंटर नामक अमेरिकी संगठन की ओर से आयोजित किए गए ऑनलाइन सेमिनार में यह चिंताजनक तथ्य सामने आया है। यूं तो अमेरिका में एशियाई मूल के लोगों पर हमले की घटनाएं नई नहीं हैं। अक्सर ऐसे मामले सामने आते रहते हैं, जिसका मानवधिकार संगठनों की तरफ से कड़ा विरोध भी किया जाता है लेकिन पिछले साल कोरोना के समय इसमें तेजी से इजाफा हुआ है।
सेमिनार में शिरकत करने वाली एशियन पैसिफिक पॉलिसी एंड प्प्लानिंग काउंसिल की कार्यकारी निदेशक मंजुषा कुलकर्णी ने आशंका जाहिर करते हुए कहा कि आने वाले दिनों में अमेरिका के स्कूलों में ऐसे मामलों में तेजी देखने को मिल सकती है। उन्होंने आगे कहा कि कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में किए गए सर्वेक्षण में भी इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं, जो बहुत चिंता की बात है।
इसपर लगाम कसना जरुरी है।हाल में किए गए एक सर्वेक्षण के अनुसार 2020 में अमेरिका के प्रमुख शहरों में एशियाई मूल के लोगों पर हमले की घटनाओं में 150 फीसद का जबरदस्त इजाफा हुआ है।
