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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 17, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

तीनों IPS अधिकारियों को दिल्ली भेजने से तृणमूल कांग्रेस का इनकार, केंद्र को दो टूक, हम राष्ट्रपति शासन से नहीं डरते

By Vijay KumarEdited By:
Published: Thu, 17 Dec 2020 07:38 PM (IST)

निशाना-तीनों आइपीएस अधिकारियों को केंद्रीय प्रतिनुयक्ति पर नहीं भेजने की घोषणा की। कहा केंद्र का आदेश असंवैधानिक और स्वीकार करने ...और पढ़ें

गुरुवार को तृणमूल भवन में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते तृणमूल के वरिष्ठ नेता व मंत्री सुब्रत मुखर्जी। जागरण
गुरुवार को तृणमूल भवन में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते तृणमूल के वरिष्ठ नेता व मंत्री सुब्रत मुखर्जी। जागरण

राज्य ब्यूरो, कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस ने गुरुवार को कहा कि बंगाल सरकार केंद्र के आदेश पर भारतीय पुलिस सेवा के तीन अधिकारियों को केंद्रीय प्रतिनुयक्ति पर नहीं भेजेगी। तृणमूल ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने के मुद्दे पर कहा कि पार्टी इससे डरती नहीं है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और ग्रामीण विकास मंत्री सुब्रत मुखर्जी ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इस संबंध में केंद्र का आदेश असंवैधानिक है और स्वीकार करने लायक नहीं है। उन्होंने कहा, हम उन्हें प्रतिनियुक्ति पर नहीं भेजेंगे। ज्यादा से ज्यादा यही होगा कि केंद्र सरकार राष्ट्रपति शासन लगा देगी। हम इसका स्वागत करते हैं। यदि केंद्र के पास यह करने की शक्ति है तो वह ऐसा कर सकती है। 

तीन आइपीएस अधिकारियों को केंद्र सरकार ने प्रतिनियुक्ति पर भेजा

उल्लेखनीय है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर 10 दिसंबर को हुए हमले के बाद बंगाल कैडर के तीन आइपीएस अधिकारियों को केंद्र सरकार ने प्रतिनियुक्ति पर भेज दिया है। इनमें राजीव मिश्रा (एडीजी, दक्षिण बंगाल) को आइटीबीपी, प्रवीण त्रिपाठी (डीआइजी, प्रेसिडेंसी रेंज) को सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) तथा भोलानाथ पांडेय (एसपी, डायमंड हार्बर) को पुलिस अनुसंधान ब्यूरो में एसपी पद पर भेजा गया है। 

तीनों अधिकारियों को केंद्र ने नई ड्यूटी ज्वाइन करने के लिए कहा

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गुरुवार को बंगाल सरकार को पत्र भेजकर तीनों अधिकारियों को तत्काल कार्यमुक्त कर केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर सेवा देने के लिए रिलीव करने कहा है। वहीं, तीनों अधिकारियों को भी केंद्र की ओर से जल्द से जल्द अपनी नई ड्यूटी ज्वाइन करने के लिए कहा गया है। 

आइपीएस कैडर नियमावली 1954 के प्रावधानों का गलत इस्तेमाल

वहीं, केंद्र के इस कदम पर तृणमूल सरकार में मंत्री सुब्रत मुखर्जी ने कहा, यह असंवैधानिक हैं और इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। हम केंद्र के हस्तक्षेप को अनुमति नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार आइपीएस कैडर नियमावली 1954 के कुछ प्रावधानों का गलत इस्तेमाल कर देश के संघीय ढांचे को बर्बाद करने का प्रयास कर रही है।