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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 07, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'संजय रॉय ने ही किया कोलकाता डॉक्टर का रेप और मर्डर', आरजी कर केस में CBI ने दाखिल की चार्जशीट

Published: Mon, 07 Oct 2024 04:25 PM (IST)Updated: Mon, 07 Oct 2024 06:04 PM (IST)

सीबीआई इस केस को लेकर हर पहलू की जांच में जुटी है। अब इस मामले में सीबीआई ने आज सियालदह ...और पढ़ें

आरजी कर केस में जांच में जुटी सीबीआई, किए खुलासे (फाइल फोटो)
आरजी कर केस में जांच में जुटी सीबीआई, किए खुलासे (फाइल फोटो)

HighLights

  1. घटनास्थल पर आरोपी का ब्लूटूथ हेडफोन भी मिला
  2. संजय रॉय को ही सीबीआई ने मुख्य आरोपी बताया

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। कोलकाता का आरजी कर मेडिकल कॉलेज मामला खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है। सीबीआई इस केस को लेकर हर पहलू की जांच में जुटी है। अब इस मामले में सीबीआई ने आज सियालदह कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है।  इस केस में पहले से ही हिरासत में लिए गए आरोपी संजय रॉय को ही सीबीआई ने मुख्य आरोपी बताया है।

कोलकाता की एक विशेष अदालत के समक्ष दायर अपने आरोपपत्र में कहा गया है, आरोपी संजय रॉय स्थानीय पुलिस के साथ एक नागरिक स्वयंसेवक के रूप में काम कर रहा था। सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में आरोपी को लेकर कहा है, उसने कथित तौर पर 9 अगस्त को पीड़िता के साथ अपराध किया जब पीड़िता अस्पताल के सेमिनार कक्ष में सोने गई थी।

सीसीटीवी फुटेज में संजय रॉय के खिलाफ मिला सबूत

सामूहिक बलात्कार के आरोप का उल्लेख नहीं किया, जिससे संकेत मिलता है कि संजय रॉय ने अकेले ही अपराध किया था। अस्पताल के सेमिनार कक्ष के अंदर महिला के साथ बलात्कार किया गया और उसकी हत्या कर दी गई। वह आधी रात के बाद अस्पताल में अपनी मैराथन शिफ्ट के बीच आराम करने के लिए कमरे में चली गई थी। अगली सुबह एक जूनियर डॉक्टर को उसका शव मिला।

सीसीटीवी फुटेज में संजय रॉय को 9 अगस्त की सुबह 4.03 बजे सेमिनार रूम में एंट्री करते देखा गया था। वह लगभग आधे घंटे बाद कमरे से बाहर आया।

कोलकाता पुलिस को हाथ लगा ब्लूटूथ हेडफोन

कोलकाता पुलिस को घटनास्थल पर आरोपी का ब्लूटूथ हेडफोन भी मिला। सीबीआई द्वारा मामले को अपने हाथ में लेने के बाद, रॉय का लाई-डिटेक्टर टेस्ट किया गया, जहां उसने खुद को निर्दोष बताया। उसने दावा किया कि जब वह सेमिनार हॉल में दाखिल हुआ तो महिला पहले से ही बेहोश थी।

जब उससे पूछा गया कि उसने घटना के बारे में पुलिस को क्यों नहीं बताया तो उसने कहा कि महिला को घायल अवस्था में देखकर वह घबरा गया था। सीबीआई ने कथित तौर पर कहा कि वह जांचकर्ताओं को गुमराह करने की कोशिश कर रहा था।

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