Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    Sandeshkhali Update: NCW अध्यक्ष ने प्रेसिडेंट द्रौपदी मुर्मू से की मुलाकात, बंगाल में राष्ट्रपति शासन लागू करने का किया आग्रह

    Updated: Tue, 05 Mar 2024 05:35 PM (IST)

    राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में स्थिति अभी भी बहुत गंभीर है। उन्होंने कहा कि संदेशखाली कोई अकेली घटना नहीं है। पहले भी राज्य में हिंसा की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं और राज्य सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की है। ऐसी परिस्थिति में वहां राष्ट्रपति शासन लागू करना जरूरी है।

    Hero Image
    पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग

    पीटीआई, नई दिल्ली। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने संदेशखाली हिंसा को लेकर पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश की।

    इससे पहले, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग सहित अन्य निकायों ने भी टीएमसी शासित राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने की सिफारिश कर चुके हैं।

    संदेशखाली की स्थिति बेहद गंभीर

    राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए शर्मा ने कहा कि पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में स्थिति अभी भी बहुत गंभीर है। उन्होंने कहा, "संदेशखाली कोई अकेली घटना नहीं है। पहले भी राज्य में हिंसा की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं और राज्य सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की है। इसलिए, एनसीडब्ल्यू ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश की है।"

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    राष्ट्रपति रख रही स्थिति पर नजर

    शर्मा ने कहा कि राष्ट्रपति ने उनसे कहा कि वह राज्य की स्थिति से अवगत हैं और इस पर करीब से नजर रख रही हैं। संदेशखाली में बड़ी संख्या में महिलाओं ने दावा किया है कि टीएमसी नेता शाहजहां शेख और उनके गिरोह ने उनका यौन उत्पीड़न करने के साथ ही जमीन पर भी बलपूर्वक कब्जा कर लिया।

    यह भी पढ़ें: Sandeshkhali Violence: शाहजहां को आज ही CBI के हवाले करिए, संदेशखाली केस में ममता को HC से झटका; SC पहुंची बंगाल सरकार

    यह भी पढ़ें: Sandeshkhali Case: कलकत्ता HC ने सुरक्षित रखा ईडी पर हमले की जांच स्थानांतरित करने का आदेश, ASG ने बंगाल पुलिस पर लगाया पक्षपात का आरोप