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    RG Kar Case: पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष को जमानत, CBI 90 दिनों के भीतर नहीं दाखिल कर पाई चार्जशीट

    By Agency Edited By: Piyush Kumar
    Updated: Fri, 13 Dec 2024 05:59 PM (IST)

    महिला चिकित्सक के साथ दरिंदगी की घटना में गिरफ्तार आरजी कर मेडिकल कालेज एवं हास्पिटल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष व टाला थाना के पूर्व प्रभारी को अभिजीत मंडल को शुक्रवार को सियालदह कोर्ट स्थित सीबीआइ की विशेष अदालत ने जमानत दे दी। न्यायाधीश ने कहा कि घटना के 90 दिन बाद भी सीबीआइ चार्टशीट दाखिल नहीं कर पाई है।

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    RG Kar Case: पूर्व प्रिसिंपल संदीप घोष को जमानत दे दी गई है।(फोटो सोर्स: जागरण)

    एएनआई, कोलकाता।  कोलकाता के सरकारी आरजी कर मेडिकल कालेज एवं हास्पिटल की प्रशिक्षु महिला चिकित्सक के साथ दरिंदगी की घटना में गिरफ्तार अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष व स्थानीय टाला थाना के पूर्व प्रभारी अभिजीत मंडल को शुक्रवार को कोर्ट ने जमानत दे दी।

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    घोष का प्रतिनिधित्व करने वाले एक वकील ने बताया कि सियालदह अदालत के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) ने दोनों आरोपितों को 2000 रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी, क्योंकि उनके खिलाफ अनिवार्य 90 दिनों की अवधि के भीतर सीबीआइ की ओर से चार्जशीट दायर नहीं की गई थी।

    घोष पर सबूतों के साथ छेड़छाड़ का लगा आरोप 

    हालांकि कुछ शर्तें पूरी होने पर अभिजीत मंडल जेल से रिहा हो जाएंगे, लेकिन संदीप घोष को अभी जेल में ही रहना पड़ेगा, क्योंकि अस्पताल के वित्तीय भ्रष्टाचार के मामले में भी वह आरोपित हैं। मंडल पर जहां इस घटना में एफआइआर दर्ज करने में देरी का आरोप लगाया गया था, वहीं घोष पर मामले में सुबूतों से छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया गया था।

    कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश पर घटना की जांच कर रही सीबीआइ ने दोनों को गिरफ्तार किया था। बता दें कि नौ अगस्त को अस्पताल के सेमिनार हाल से महिला डाक्टर का शव बरामद हुआ था। इस घटना में मुख्य आरोपित सिविक वालेंटियर संजय राय को गिरफ्तार किया गया था।

    मृत डाक्टर के पिता ने जताई निराशा

    दूसरी ओर संदीप घोष और अभिजीत मंडल को जमानत मिलने पर मृत डाक्टर के पिता ने निराशा जताई है। उन्होंने कहा कि इस बात के सुबूत मिले हैं कि वे जांच सही तरीके से नहीं कर रहे हैं। हमें अब उच्च न्यायालय जाना होगा। वहीं जूनियर डाक्टरों ने भी घोष व मंडल को जमानत मिलने निराशा जताई है। उन्होंने कहा कि वे पीडि़ता के न्याय के लिए अपना आंदोलन जारी रखेंगे।