कोलकाता, जागरण संवाददाता। इस साल की शुरुआत में संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत रिलीज हुई थी। लेकिन उससे पहले रानी पद्मावती और फिल्म में उनके चित्रण को लेकर देशभर में खूब हंगामा हुआ। फिल्म का नाम भी पद्मावती से बदलकर पद्मावत करना पड़ा। फिल्म में रानी पद्मावती के महल की जो भव्यता आपने देखी, उसे असल में देखने का भी आपका मन जरूर होगा। उसके लिए आपको राजस्थान जाने की जरूरत नहीं है। अगर आप चाहें तो कोलकाता में भी पद्मावती के भव्य महल की छटा देख सकते हैं।

जी हां, हम सच कह रहे हैं। इस बार कोलकाता में नवरात्र के दौरान एक दुर्गा पूजा मंडप को पद्मावती के महल की थीम पर बनाया जा रहा है। इसमें आपको पद्मावती के उस महल की भव्य छटा देखने को मिलेगी। शहर से मोहम्मद अली पार्क में राजस्थान के चितौड़गढ़ की रानी पद्मावती के महल की आकृति में दुर्गा मंडप नजर आएगा। बता दें कि यहां यूथ एसोसिएशन द्वारा आयोजित होने वाली दुर्गापूजा में हर साल कुछ नई थीम देखने को मिलती है।

इस बार एसोसिएशन पूजा आयोजन का स्वर्ण जयंती वर्ष मना रहा है। इस अवसर पर दुर्गापूजा की थीम रानी पद्मावती के महल पर आधारित है। मोहम्मद अली पार्क में पद्मावती थीम पर बन रहे मंडप को देखने के लिए लोगों में खूब उत्सुकता है।

प्रशांत पाल की धारणा के अनुरूप कारीगर मंडप को अंतिम रूप दे रहे हैं। मोहम्मद अली पार्क दुर्गा पूजा कमेटी के संयुक्त सचिव अशोक ओझा ने रविवार को बताया कि 49वें वर्ष की सफलता से यूथ एसोसिएशन की पूरी टीम को स्वर्ण जयंती समारोह के लिए प्रेरणा मिली। इस साल की थीम राजस्थानी संस्कृति को बढ़ावा देने की कोशिश है। यहां दुर्गापूजा आयोजन का मुख्य लक्ष्य विविधता में एकता का एक उदाहरण पेश करना है।

उन्होंने कहा, हर साल हम बड़े पैमाने पर मां दुर्गा की पूजा आयोजित कर एकता की भावना को मजबूत करते हैं। इस बार दुर्गा पूजा आयोजन का बजट 1.25 करोड़ रुपये है। मंडप की ऊंचाई 45 फुट है। पूजा कमेटी में मनोज कुमार पोद्दार चेयरमैन, हेमचंद जैन अध्यक्ष, सुरेंद्र कुमार शर्मा सचिव, राम चंद्र बडोपालिया मुख्य संरक्षक, सुभाष चंद्र गोयंका कोषाध्यक्ष, प्रमोद चांडक कार्यकारी अध्यक्ष, विजय सिंह, दुलाल मोइत्र उपाध्यक्ष, पवन कुमार बंसल, देवकी नंदन डोलिया, अशोक ओझा, सचिन शर्मा संयुक्त सचिव व विजय शंकर पांडे मुख्य आयोजक हैं। मोहम्मद अली पार्क में यूथ एसोसिएशन की दुर्गापूजा मध्य कोलकाता की सबसे लोकप्रिय दुर्गापूजा आयोजनों में से एक है। 1969 से यहां पूजा का आयोजन होता आ रहा है।

Posted By: Preeti jha

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