West Bengal: भाजपा नेता पर हमले के बाद बंगाल में सियासत तेज, तृणमूल पर हमला कराने का लगाया आरोप
West Bengal भाजपा नेता फिरोज कमाल गाजी उर्फ बाबू मास्टर पर हमलेे को लेकर बंगाल में राजनीति फिर गरमा गई है। भाजपा ने कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठाते हुए इस हमले के लिए सीधे तौर पर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया है।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। West Bengal: बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में शनिवार देर शाम स्थानीय भाजपा नेता फिरोज कमाल गाजी उर्फ बाबू मास्टर की गाड़ी को रोककर बदमाशों ने देसी बम और गोलियों से उन पर ताबड़तोड़ हमला किया। इस घटना में भाजपा नेता व उनका वाहन चालक गंभीर रूप से घायल हो गया और दोनों की हालत गंभीर बनी हुई हैं। वहीं, भाजपा नेता पर हमलेे को लेकर बंगाल में राजनीति फिर गरमा गई है। भाजपा ने कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठाते हुए इस हमले के लिए सीधे तौर पर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया है। बैरकपुर से भाजपा सांसद व पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष अर्जुन सिंह ने हमले की साजिश रचने का आरोप उत्तर 24 परगना जिले के तृणमूल जिला अध्यक्ष व राज्य के खाद्य मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक पर लगाया है।
अर्जुन सिंह ने रविवार को कहा कि तृणमूल छोड़कर भाजपा में शामिल होने पर पहले मनीष शुक्ला की हत्या कराई गई और अब बाबू मास्टर पर जानलेवा हमला हुआ। उन्होंने दावा किया कि मंत्री मल्लिक उन्हें लगातार धमका रहे थे। पुलिस के माध्यम से भी दबाव बना रहे थे, ताकि वह तृणमूल में वापस लौट जाएं, पर वह नहीं गए तो हत्या कराने की कोशिश की गई है। भाजपा सांसद ने साथ ही धमकी दी कि तृणमूल कांग्रेस के गुंडों को इस हमले की कीमत चुकानी पड़ेगी। वहीं, मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक ने इन आरोपों को खारिज करते हुए पलटवार किया और कहा कि यह नई और पुरानी भाजपा की लड़ाई का नतीजा है। दूसरी ओर, हाल में तृणमूल छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले कद्दावर नेता सुवेंदु अधिकारी ने भी आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के आपराधिक तत्वों ने बेरहमी से बाबू मास्टर पर हमला किया है। इससे पहले कोलकाता के अपोलो अस्पताल में भर्ती बाबू मास्टर को देखने शनिवार देर रात ही सांसद अर्जुन सिंह और सुवेंदु अधिकारी अस्पताल गए थे।
भाजपा ने हमले के विरोध में थाने का किया घेराव
इधर, इस घटना के विरोध में भाजपा नेताओं कार्यकर्ताओं ने रविवार को मीनाखां थाने का भी घेराव किया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं, इस घटना के 24 घंटे से अधिक समय बीत गए हैं लेकिन अब तक किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हुई। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और घटना में शामिल लोगों को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।बता दें कि बाबू मास्टर दो महीने पहले ही तृणमूल छोड़ भाजपा में शामिल हुए थे।
जानें, क्या है मामला
बाबू मास्टर शनिवार शाम को उत्तर 24 परगना जिले के बसीरहाट में पार्टी की एक सांगठनिक बैठक में हिस्सा लेकर कोलकाता लौट रहे थे। तभी बासंती हाईवे पर 10 से 12 की संख्या में बदमाशों ने उनकी कार रोककर देसी बम व गोलियों से हमला किया। इस हमले में काजी और उनका वाहन चालक घायल हो गया और लहूलुहान हालत में दोनों को कोलकाता के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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