पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी ने रोते हुए मांगी जमानत, पर न्यायाधीश ने दोनों की न्यायिक हिरासत अवधि 14 दिन और बढ़ाई
शिक्षक नियुक्ति घोटाले में जेल में बंद पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी और उनकी करीबी अर्पिता मुखर्जी को बुधवार को जब वर्चुअली अदालत में पेश किया गया तो दोनों न्यायाधीश के सामने फफक पड़े। पार्थ ने रोते हुए हाथ जोड़कर कहा-मुझे जमानत देकर जिंदगी दें और शांति से जीने दें।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता : शिक्षक नियुक्ति घोटाले में जेल में बंद बंगाल के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी और उनकी करीबी अर्पिता मुखर्जी को बुधवार को जब वर्चुअली अदालत में पेश किया गया तो दोनों न्यायाधीश के सामने फफक पड़े। पार्थ ने रोते हुए हाथ जोड़कर कहा-'मुझे जमानत देकर जिंदगी दें और शांति से जीने दें। दूसरी तरफ अर्पिता ने भी रोते हुए अपनी मां की अस्वस्थता का हवाला देते हुए उन्हें जमानत पर रिहा करने का अनुरोध किया लेकिन उन दोनों की ही रुलाई काम नहीं आई।
अदालत ने ईडी के अनुरोध को मंजूर करते हुए दोनों की न्यायिक हिरासत और 14 दिन बढ़ा दी। वर्चुअल पेशी के दौरान पार्थ ने कहा-मैं बेगुनाह हूं। मैं राजनीतिक साजिश का शिकार हुआ हूं। पार्थ ने अपनी बीमारी का भी हवाला दिया और कहा कि उन्हें इलाज की जरुरत है। अर्पिता भी खुद को पाक-साफ बताते हुए खूब रोईं।
अर्पिता के पांच और बैंक खातों में 5.32 करोड़ का पता चला
इस बीच ईडी को अर्पिता के पांच और बैंक खातों का पता चला है, जिनमें 5.32 करोड़ रुपये जमा हैं। अर्पिता के निजी बैंक खाते में दो करोड़ 22 लाख रुपये और उनकी कंपनी इच्छे एंटरटेनमेंट के बैंक खातों में 3.10 करोड़ रुपये मिले हैं। दूसरी तरफ अर्पिता ने अदालत में फिर दावा किया कि उन्हें अपने दो फ्लैट से बरामद करोड़ों रुपये के बारे में कुछ भी नहीं पता है। न्यायाधीश ने जब अर्पिता से पूछा कि बरामद रुपये फिर किसके हैं, इसपर उसने कहा कि उसे नहीं पता कि रुपये किसके हैं और कहां से आए हैं। वहीं ईडी ने अदालत में कहा कि इस घोटाले के 100 करोड़ से कहीं ज्यादा के होने का अनुमान है।
ईडी की टीम ने अब पार्थ के स्कूल में की छापामारी
ईडी ने जांच के सिलसिले में बुधवार को पश्चिम मेदिनीपुर जिले के पिंगला इलाके में स्थित एक स्कूल में छापामारी की। यह स्कूल पार्थ का बताया जा रहा है, जो उन्होंने अपनी दिवंगत पत्नी की स्मृति में बनवाया था। स्कूल के चेयरमैन पार्थ के दामाद बताए जा रहे हैं। स्कूल के पदाधिकारियों व शिक्षकों से पूछताछ की जा रही है। वहां से ईडी ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज संग्रह किए हैं।
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