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    नेताजी के प्रपौत्र ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, जापान से बोस के अवशेष वापस लाने की अपील

    Updated: Sun, 28 Jul 2024 05:10 PM (IST)

    Chandra Kumar bose letter to PM सुभाष चंद्र बोस के प्रपौत्र चंद्र कुमार बोस ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर 18 अगस्त तक जापान के रेंकोजी से नेताजी के अवशेष वापस लाने की अपील की है। चंद्र कुमार ने यह भी कहा कि इस मामले पर केंद्र सरकार की ओर से एक अंतिम बयान आना चाहिए ताकि नेताजी के बारे में झूठी कहानियों पर विराम लग सके।

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    Chandra Kumar bose letter to PM सुभाष चंद्र बोस के प्रपौत्र।

    जेएनएन, कोलकाता। Chandra Kumar bose letter to PM महान स्वतंत्रता सेनानी सुभाष चंद्र बोस के प्रपौत्र चंद्र कुमार बोस ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर 18 अगस्त तक जापान के रेंकोजी से नेताजी के अवशेष वापस लाने की अपील की है।

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    चंद्र कुमार ने यह भी कहा कि इस मामले पर केंद्र सरकार की ओर से एक अंतिम बयान आना चाहिए, ताकि नेताजी के बारे में झूठी कहानियों पर विराम लग सके। बोस ने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) नीत सरकार ने नेताजी से संबंधित फाइलों को सार्वजनिक करने की पहल की।

    उन्होंने कहा कि बोस को लेकर अब तक सभी 10 जांच-राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय की रिपोर्ट जारी करने के बाद यह स्पष्ट है कि नेताजी की मौत 18 अगस्त 1945 को ताइवान में एक विमान दुर्घटना में हुई थी।

    नेताजी के बारे में गलत बयानबाजियों पर विराम लगे

    बोस ने पत्र में कहा, इसलिए यह जरूरी है कि भारत सरकार की ओर से अंतिम बयान दिया जाए, ताकि भारत के मुक्तिदाता यानी नेताजी के बारे में गलत बयानबाजियों पर विराम लग सके।

    बोस ने कहा कि सार्वजनिक की गई गोपनीय फाइलों और विभिन्न जांच रिपोर्ट निर्णायक रूप से यह साबित करते हैं कि नेताजी की 18 अगस्त 1945 को विमान दुर्घटना में मौत हुई थी। उन्होंने कहा कि नेताजी आजादी के बाद भारत लौटना चाहते थे, लेकिन लौट नहीं सके, क्योंकि उनकी हवाई दुर्घटना में मौत हो गई थी। यह अत्यधिक अपमानजनक है कि नेताजी के अवशेष रेंकोजी मंदिर में रखे हुए हैं।

    साढ़े तीन साल से प्रधानमंत्री को लिख रहे पत्र

    चंद्र कुमार ने कहा कि हम पिछले साढ़े तीन साल से प्रधानमंत्री को पत्र लिखते रहे हैं कि भारत के मुक्तिदाता को सम्मान देने के लिए उनके अवशेष भारतीय सरजमीं पर लाए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि नेताजी की बेटी अनिता बोस फाफ उनका अंतिम संस्कार हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार करना चाहती हैं।