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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 20, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Bengal: कब्जा की गई जमीनों को खाली कराने की फिराक में ममता सरकार, खजाने को होगा फायदा

By Jagran NewsEdited By: Ashisha Singh Rajput
Published: Sun, 20 Aug 2023 07:10 PM (IST)

सूत्रों ने कहा कि प्रशासन भविष्य में भूमि का उपयोग करने के बारे में सोच सकता है। भूमि और भूमि ...और पढ़ें

एक ओर जहां अवैध कब्जे मुक्त होंगे वहीं सरकार के खजाने को भी होगा फायदा
एक ओर जहां अवैध कब्जे मुक्त होंगे वहीं सरकार के खजाने को भी होगा फायदा

कोलकाता, राज्य ब्यूरो। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सरकारी जमीन से कब्जाधारियों को हटाने के लिए सकारात्मक कदम उठाने का आदेश दिया है। राज्य सचिवालय ने सरकार द्वारा उपयोग में नहीं ली जा रही सभी जमीनों और अतिक्रमित जमीनों का सर्वेक्षण भी शुरू कर दिया है। इन जमीनों को खाली कराने के लिए प्रशासन सक्रिय है।

क्या कहा भूमि सुधार विभाग के अधिकारी ने ?

सूत्रों ने कहा कि प्रशासन भविष्य में भूमि का उपयोग करने के बारे में सोच सकता है। भूमि और भूमि सुधार विभाग के एक अधिकारी के अनुसार अगर सब कुछ ठीक रहा तो इन जमीनों को खाली कराने पर सरकारी खजाने को भारी रकम मिल सकती है। इससे एक ओर जहां अवैध कब्जे मुक्त होंगे वहीं सरकार के खजाने को भी फायदा होगा।

प्रशासन में लंबे समय से चल रहा था जद्दोजहद

इन अतिक्रमित जमीनों को वापस पाने के लिए प्रशासन में लंबे समय से जद्दोजहद चल रहा था। इस बार उस लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। इसके तहत राज्य के भूमि और भूमि सुधार विभाग ने 52 सरकारी भूमि की पहचान करते हुए इन पर सरकारी साइनबोर्ड लगाए हैं। कोलकाता के तीन वार्ड 107, 108 और 109 की बंजर भूमि की पहचान की गई।

जमीनों पर चिपकाए गए हैं साइनबोर्ड

इन वार्डों में सबसे पहले उन जमीनों की पहचान की गई है, जिनसे कब्जा हटाने के लिए प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। इसके बाद दक्षिण 24 परगना के जिला कलेक्टर के नेतृत्व में कुछ टीमें वहां पहुंचीं। फिर जमीनों पर साइनबोर्ड भी चिपकाए गए हैं। इसमें जमीन किस सरकार की है और जमीन की प्रकृति का भी स्पष्ट उल्लेख है। वार्ड नंबर 107 में 26 जगहों, वार्ड नंबर 108 में आठ जगहों और वार्ड नंबर 109 में जगहों को चिन्हित किया गया है।

मालूम हो कि इन जगहों पर बेदखल होने का खतरा था। दूसरों ने इसे जब्त कर लिया है। ये जमीनें सरकार के हाथ से न निकल जाएं, इसके लिए प्रशासन अब सक्रिय हो गया है।