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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 29, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ममता बनर्जी ने केंद्र के भेदभावपूर्ण रवैये के खिलाफ शुरू किया धरना, कहा- 2024 की लड़ाई भाजपा और आम जनता के बीच

By Jagran NewsEdited By: Amit Singh
Published: Wed, 29 Mar 2023 09:20 PM (IST)

कोलकाता में भीमराव आंबेडकर की मूर्ति के सामने दो दिवसीय धरने पर बैठीं सीएम ममता बनर्जी ने भाजपा पर जोरदार ...और पढ़ें

ममता बनर्जी ने केंद्र के भेदभावपूर्ण रवैये के खिलाफ शुरू किया धरना
ममता बनर्जी ने केंद्र के भेदभावपूर्ण रवैये के खिलाफ शुरू किया धरना

राज्य ब्यूरो, कोलकाता: बंगाल के प्रति केंद्र सरकार के कथित भेदभावपूर्ण रवैये व राज्य को उसके हिस्से का धन नहीं देने के विरोध में बुधवार को कोलकाता में भीमराव आंबेडकर की मूर्ति के सामने दो दिवसीय धरने पर बैठीं मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने भाजपा पर जोरदार हमला बोला। शाम में धरना मंच से संबोधन में ममता ने भाजपा को चेताते हुए कहा कि उनकी सरकार रामनवमी के किसी जुलूस को नहीं रोकेंगी, लेकिन अगर इस दौरान किसी मुस्लिम के घर हमला हुआ तो वह छोड़ेंगी नहीं।

कड़ी कार्रवाई की चेतावनी

ममता ने भाजपा नेताओं द्वारा गुरुवार को रामनवमी पर बड़ी संख्या में राज्य में जुलूस निकालने का उल्लेख करते हुए स्पष्ट कहा कि रमजान के पवित्र महीने में यदि किसी ने भी मुस्लिम बस्तियों में इस दौरान हमले या गड़बड़ी फैलाने की कोशिश की तो प्रशासन कानून के मुताबिक कड़ी कार्रवाई करेगा। उन्होंने सभी से शांति से रामनवमी मनाने की अपील की। ममता ने भाजपा को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जो लोग महिलाओं का सम्मान करना नहीं जानते, वे अब भारत के संविधान के बारे में व्याख्यान दे रहे हैं? उन्होंने कटाक्ष किया कि तथाकथित डबल इंजन की सरकार फेल हो गई है! भाजपा आज कुछ नहीं है बल्कि एक वाशिंग मशीन है। उन्होंने केंद्र की सत्ता से भाजपा को उखाड़ फेंकने के लिए सभी विपक्षी दलों को एकजुट होने का आह्वान किया।

विपक्ष को एक जुट करने की कवायद

ममता ने कहा कि 2024 में सारे विपक्ष को एक साथ लड़ना है और भाजपा को कुर्सी से हटाना है। 2024 की लड़ाई भाजपा और आम जनता के बीच है। ममता ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का नाम लिए बिना सबसे बड़ा अहंकारी एवं देश का दुशासन व दुर्योधन तक बताया। उन्होंने कहा- अहंकारी, दुशासन व दुर्योधन को हटाएं और देश को बचाएं। भाजपा को कुर्सी छोड़नी पड़ेगी। ममता ने कहा कि चुनाव बाद कौन नेता (पीएम) बनेगा इसकी अभी चिंता नहीं है। यह भाजपा से देश को बचाने की लड़ाई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि 2024 में भाजपा सत्ता में नहीं आएगी। ममता ने भाजपा को भ्रष्टाचारी, चोर, लूटेरा व डकैतों की पार्टी भी बताया।

ममता ने चेताया, 30 घंटे तक चलेगा धरना

केंद्र के कथित भेदभावपूर्ण रवैये के खिलाफ ममता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ दोपहर करीब 12 बजे रेड रोड पर पहुंचीं और यहां आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उसके सामने धरने पर बैठ गईं। दो दिवसीय यानी करीब 30 घंटे का यह धरना वह गुरुवार शाम छह बजे तक जारी रखेंगी। ममता ने आरोप लगाया कि केंद्र जान बूझकर राजनीतिक प्रतिशोध के तहत बंगाल को केंद्रीय योजनाओं का पैसा नहीं देकर गरीबों को वंचित कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि दो वर्षों में विभिन्न योजनाओं की जांच के लिए केंद्र ने 160 टीमें यहां भेजी, जिसपर करोड़ों खर्च हुए। अगर ये पैसा भी कम से कम राज्य को दिया जाता तो गरीबों का भला होता।

पीएम हाउस के सामने धरने की चेतावनी

ममता ने चेतावनी दी कि यदि जरूरत पड़ी तो राज्य के लोगों के हक के लिए वे दिल्ली जाकर पीएम हाउस के सामने भी बैठ जाएंगी। इतनी हिम्मत रखती हूं। बता दें कि यह पहली बार नहीं है, जब ममता धरना दे रही हैं। इससे पहले 2021 में सारधा चिटफंड मामले में जब सीबीआइ कोलकाता के पूर्व पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार से पूछताछ के लिए उनके आवास पर पहुंची थीं, तो इसके खिलाफ भी ममता ने कई घंटे तक धरना दिया था।

डीए आंदोलनकारियों पर भी ममता ने बोला हमला

ममता ने इस दौरान डीए बढ़ाने को लेकर आंदोलन कर रहे राज्य सरकार के कर्मचारियों के एक वर्ग पर भी हमला बोला। उन्होंने माकपा को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जो लोग आंदोल कर रहे हैं, उन्हें पूर्ववर्ती सरकार में पर्ची के जरिए नौकरी मिली थीं। ममता ने माकपा पर इन नियुक्तियों से संबंधित फाइल को गायब करने का भी आरोप लगाया। हालांकि उन्होंने कहा कि वह किसी की नौकरी लेने नहीं बल्कि देने में विश्वास करती हैं।