राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को राज्य में चुनाव के बाद हिंसा की खबरों का स्पष्ट रूप से खंडन किया। बनर्जी ने कहा कि यह सिर्फ 'भाजपा का नाटक' था। एक न्यूज चैनल के कार्यक्रम में कहा कि कुछ नहीं हुआ। चुनाव से पहले 21 लोगों की मृत्यु हो चुकी थी। उस समय में चुनाव आयोग के तहत बंगाल में राष्ट्रपति शासन था। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने चार लोगों को मार गिराया।

मृतकों में 16 तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता थे। उन्होंने कहा कि अगर बंगाल में चुनाव के बाद की हिंसा की कोई रिपोर्ट है, तो आप (भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार) सभी मानवाधिकार आयोग और अन्य पैनल भेजें, लेकिन जब त्रिपुरा में चुनाव से पहले और बाद में हिंसा हुई, जब आप लोगों ने हत्याएं की, तो कभी सवाल नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि कितने लोग उत्तर प्रदेश के हाथरस गए थे? कितने त्रिपुरा गए? यहां तक कि उनकी सीबीआइ ने भी कहा कि 21 में से कोई भी मामला चुनाव के बाद की हिंसा से संबंधित नहीं है।

बताते चलें कि कलकत्ता हाई कोर्ट के पांच जजों की पीठ ने विशेष जांच टीम की रिपोर्ट मिलने के बाद हिंसा की सीबीआइ जांच के आदेश दिए हैं। सीबीआइ ने 50 से अधिक प्राथमिकी दर्ज कर चुकी है।मुख्यमंत्री व तृणमू कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने सोमवार को भाजपा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली नई सरकार जल्द ही गिर जाएगी।

एक न्यूज चैनल के कार्यक्रम ममता ने कहा कि मुझे विश्वास है कि यह सरकार ज्यादा दिनों तक नहीं चलेगी। यह एक अनैतिक और अलोकतांत्रिक सरकार है। उन्होंने भले ही सरकार बना ली हो, लेकिन उन्होंने महाराष्ट्र का दिल नहीं जीता। उन्होंने कहा कि आप(भाजपा)अपनी शक्ति का दुरुपयोग कर लोकतंत्र को कुचल सकते हैं, लेकिन इस देश के लोग लोकतांत्रिक साधनों का उपयोग करके आपको कुचल देंगे।

ममता ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र के शिवसेना के बागी विधायकों को असम में भाजपा द्वारा धन और अन्य चीजों की आपूर्ति की गई। भाजपा को क्यों जल्दी है। महाराष्ट्र सरकार को मनी, ईडी, सीबीआइ पावर से गिराया गया। ध्यान रहे कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार ने भी कहा कि एकनाथ शिंदे की सरकार ज्यादा दिनों तक नहीं चलेगी। छह महीने में ही गिर जाएगी। मध्यावधि चुनाव की तैयारी सभी लोग कर लें।

Edited By: Babita Kashyap