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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 19, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Kolkatta Crime News: STF ने संदिग्ध आतंकी के डिलीट किए गए डेटा की रिकवरी के लिए निचली अदालत का दरवाजा खटखटाया

By Jagran NewsEdited By: Vinay Kumar Tiwari
Published: Sat, 19 Nov 2022 09:23 PM (IST)

Kolkatta Crime News एसटीएफ ने अदालत से अनुरोध किया है कि वह फेसबुक को डेटा की रिकवरी बाबत कदम उठाने ...और पढ़ें

Kolkatta Crime News: डिलीट किए गए डेटा की रिकवरी के लिए निचली अदालत का दरवाजा खटखटाया है।
Kolkatta Crime News: डिलीट किए गए डेटा की रिकवरी के लिए निचली अदालत का दरवाजा खटखटाया है।

कोलकाता, राज्य ब्यूरो। Kolkatta Crime News: कोलकाता पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF, एसटीएफ) ने एक्यूआइएस (अलकायदा इन द इंडियन सबकांटीनेंट के संदिग्ध आतंकी अजीजुल हक के फेसबुक अकाउंट से डिलीट किए गए डेटा की रिकवरी के लिए निचली अदालत का दरवाजा खटखटाया है। एसटीएफ ने अदालत से अनुरोध किया है कि वह फेसबुक प्राधिकरण को डेटा की रिकवरी बाबत कदम उठाने का निर्देश दे।

गौरतलब है कि अजीजुल हक को एसटीएफ ने गत सात नवंबर को दक्षिण 24 परगना जिले के मथुरापुर इलाके से गिरफ्तार किया था। अजीजुल हक पेशे से शिक्षक है। उसके साथ उसके छात्र मनिरुद्दीन खान को भी गिरफ्तार किया गया था।

पूछताछ में मनिरुद्दीन ने स्वीकार किया कि वह एक्यूआइएस के लिए दो तरह के काम करता था। उसका पहला काम एक्यूआइएस का सदस्य बनने के लिए स्थानीय युवाओं का ब्रेनवाश करना था और दूसरा नए भर्ती हुए लोगों को प्रशिक्षण के लिए भेजने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करना। अज़ीज़ुल हक और मनीरुद्दीन खान का लक्ष्य मथुरापुर क्षेत्र में एक्यूआइएस का एक नया आतंकी माड्यूल स्थापित करना था।

मनिरुद्दीन खान ने जाल में फंसे युवाओं को जिहाद से संबंधित साहित्य और वीडियो भेजने और साझा करने के लिए बड़े पैमाने पर अपने फेसबुक अकाउंट का इस्तेमाल किया था। इनमें से कुछ डेटा को स्थायी रूप से हटा दिया गया है इसलिए उनकी रिकवरी के लिए निचली अदालत का दरवाजा खटखटाया गया है। एक अधिकारी ने बताया कि इन डिलीट किए गए डेटा की रिकवरी एसटीएफ के लिए दो मायने में बेहद जरूरी है।

सबसे पहले, मनीरुद्दीन के खिलाफ मामले को मजबूत बनाने के लिए। दूसरा, उन युवाओं के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए, जिन्हें मनिरुद्दीन ने अपना निशाना बनाया था। गौरतलब है कि पिछले चार महीनों के दौरान, एसटीएफ ने बंगाल के विभिन्न इलाकों से आठ एक्यूआइएस के सदस्यों को गिरफ्तार किया है।