एक जुलाई से खुलेगा कोलकाता के कालीघाट मंदिर का कपाट, एक साथ 10 भक्तों की दी जाएगी प्रवेश की अनुमति
एक जुलाई से श्रद्धालुओं के लिए खुलेगा कोलकाता के कालीघाट मंदिर का कपाट मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश प्रसाद सिंदूर टीका आदि वर्जित
कोलकाता, राज्य ब्यूरो। कोलकाता के मशहूर कालीघाट मंदिर का कपाट 1 जुलाई से श्रद्धालुओं के लिए खुल जाएगा। कोरोना संक्रमण के मद्देनजर बेहद कड़े नियमों के साथ मंदिर को खोला जाएगा। दर्शन-पूजन के लिए नए नियम होंगे, जिनका कड़ाई से पालन करना होगा। मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश वर्जित रहेगा। श्रद्धालुओं को केवल मां काली के दर्शन से संतुष्ट होना पड़ेगा। प्रसाद, सिंदूर टीका ओदि की इजाजत नहीं होगी।
मंदिर का कपाट श्रद्धालुओं के लिए दो शिफ्ट में खुलेगा। सुबह 6ः00 बजे से दोपहर 12ः00 बजे तक फिर शाम 4ः00 बजे से 7ः00 बजे तक। श्रद्धालुओं को मंदिर के बाहर शारीरिक दूरी का पालन करते हुए कतार में खड़ा होना पड़ेगा। एक साथ केवल 10 लोगों को मंदिर में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। थर्मल स्क्रीनिंग के बाद सैनिटाइजिंग टनल से होते हुए मंदिर में प्रवेश किया जा सकेगा। श्रद्धालु 2 नंबर गेट से मंदिर में प्रवेश करेंगे और दर्शन करने के बाद 4 नंबर गेट से बाहर निकलेंगे। मंदिर कमेटी के उपाध्यक्ष विद्युत हलदार ने इसकी जानकार दी। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की भीड़ नियंत्रण करने के लिए कालीघाट थाने से पुलिस की तैनाती की मांग की गई है।
उल्लेखनीय है कि कालीघाट एक शक्तिपीठ है। मान्यता के अनुसार मां सती के दाये पैर की कुछ अंगुलिया इसी जगह गिरी थी। आज यह जगह काली भक्तों के लिए सबसे बड़ा मंदिर है। पश्चिम बंगाल के अलावा देश के कोने-कोने से बड़ी संख्या में यहां श्रद्धालु मां काली के दर्शन-पूजन के लिए आते हैं।
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