विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 26, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भारत-बांग्लादेश सीमा के पास चार बंकरों का राजफाश, फेंसेडिल सिरप की 62 हजार बोतलें बरामद

Published: Sun, 26 Jan 2025 05:30 AM (IST)

बीएसएफ के अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को खुफिया सूचना पर कृष्णगंज के मझदिया कसबे के सीमावर्ती नागहटा गांव में ...और पढ़ें

भारत-बांग्लादेश सीमा के पास चार बंकरों में फेंसेडिल सिरप की 62 हजार बोतलें बरामद
भारत-बांग्लादेश सीमा के पास चार बंकरों में फेंसेडिल सिरप की 62 हजार बोतलें बरामद

HighLights

  1. आम के बगीचे में तस्करी के उद्देश्य से बनाए गए थे लोहे के तीन व सीमेंट के एक बंकर
  2. पहली बार है, जब सीमावर्ती क्षेत्र में इस तरह की गुप्त टंकी मिली है

 राज्य ब्यूरो, जागरण, कोलकाता। बीएसएफ के दक्षिण बंगाल फ्रंटियर के जवानों ने बंगाल के नदिया जिले में भारत-बांग्लादेश सीमा के पास कृष्णगंज इलाके में तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे बंकरों का राजफाश किया है। इनमें से तीन लोहे की निर्मित और एक ईंट से निर्माणाधीन हैं।

प्रतिबंधित फेंसेडिल कफ सिरप की 62,200 बोतलें बरामद

बीएसएफ के अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को खुफिया सूचना पर कृष्णगंज के मझदिया कसबे के सीमावर्ती नागहटा गांव में की गई छापामारी में लोहे की तीन भूमिगत स्टोरेज टंकी में से 1.40 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की प्रतिबंधित फेंसेडिल कफ सिरप की 62,200 बोतलें बरामद हुई हैं। उनको सीमा पार कराकर बांग्लादेश में तस्करी की जानी थी।

बड़ी खेप की बरामदगी से तस्करों का नेटवर्क हिल गया

बीएसएफ ने बयान में बताया कि तस्कर इन टंकियों का इस्तेमाल तस्करी के लिए करते थे। दक्षिण बंगाल फ्रंटियर, बीएसएफ के डीआइजी व प्रवक्ता नीलोत्पल कुमार पांडे ने कहा कि गुप्त टंकियों के भंडाफोड़ और फेंसेडिल की इतनी बड़ी खेप की बरामदगी से तस्करों का नेटवर्क हिल गया है।

सीमावर्ती क्षेत्र में इस तरह की गुप्त टंकी पहली बार मिली

बीएसएफ ने जब्त फेंसेडिल की खेप को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग को सौंप दिया है। यह पहली बार है, जब सीमावर्ती क्षेत्र में इस तरह की गुप्त टंकी मिली है। बीएसएफ का मानना ​​है कि ये कफ सिरप की बोतलें बांग्लादेश में तस्करी के इरादे से लाई गई थीं लेकिन सीमा पर निगरानी बढ़ने से अब उनकी तस्करी करना संभव नहीं था। इसीलिए पेट से भरी शरबत की बोतलें बंकरों में छिपा दी जाती हैं।

शनिवार को जो बंकर मिला, उसके ऊपर एक कंक्रीट गेट भी बनाया गया है। प्रत्येक बंकर कम से कम 15 फीट गहरा है, जो लोहे की चादर से बना है। ऐसा माना जाता है कि उन्हें समय के साथ वहां लाया गया था। हालांकि, सवाल यह उठता है कि प्रशासन या बीएसएफ की सूचना के बिना इतना बड़ा बंकर सीमा क्षेत्र में कैसे लाया जा सकता है?

राज्य पुलिस को सूचित किया जाएगा- बीएसएफ

इस संबंध में बीएसएफ दक्षिण बंगाल सीमा के प्रवक्ता और डीआइजी नीलोत्पल कुमार पांडे ने कहा कि नदिया के सीमावर्ती इलाके में कुछ बंकर मिले हैं, जिनकी गहनता से जांच की जा रही है। हम सभी पहलुओं पर गौर कर रहे हैं। आवश्यक कार्रवाई करने के लिए उच्च अधिकारियों और राज्य पुलिस को सूचित किया जाएगा।