राज्य ब्यूरो, कोलकाता : बंगाल में राज्यसभा की एक सीट पर नौ अगस्त को होने वाले उपचुनाव के लिए सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने शनिवार को अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी। पार्टी ने पूर्व आइएएस अधिकारी और प्रसार भारती के पूर्व सीईओ जवाहर सरकार को उम्मीदवार बनाया है।

बताते चलें कि सरकार मोदी सरकार के कटु आलोचक माने जाते हैं।‌सरकार वही व्यक्ति हैं जिन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक तस्वीर के साथ छेड़छाड़ कर इसे इंटरनेट मीडिया पर शेयर किया था। इस तस्वीर में पीएम मोदी को उद्योगपति मुकेश अंबानी की पत्नी नीता अंबानी के सामने सिर झुका कर नमस्कार करते हुए दिखाया था। इस फेक तस्वीर को लेकर जवाहर सरकार की काफी किरकिरी भी हुई थी।

वह इंटरनेट मीडिया पर पीएम मोदी को लेकर अक्सर आपत्तिजनक भाषा और प्रतीकों का इस्तेमाल करते रहे हैं। माना जा रहा है कि इसी सब को देखते हुए मोदी सरकार व भाजपा की धुर विरोधी ममता ने राज्यसभा के लिए जवाहर सरकार को नामित कर बड़ा दांव चला है।

विधानसभा चुनाव से पहले तृणमूल छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले दिनेश त्रिवेदी के त्यागपत्र के बाद बंगाल से राज्यसभा की यह सीट खाली हुई थी। हालांकि, बंगाल चुनाव में प्रचंड जीत के बाद से लगातार अटकलें चल रही थी की तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमों ममता बनर्जी इस सीट से वरिष्ठ नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा को राज्यसभा में भेज सकती हैं, जो चुनाव से पहले पार्टी में शामिल हुए थे। सिन्हा के अलावा मुकुल राय के नाम की भी चर्चा थी। लेकिन तृणमूल ने पूर्व नौकरशाह जवाहर सरकार के नाम की घोषणा कर सबको चौंका दिया।

तृणमूल ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से उनके नाम की घोषणा करते हुए कहा- 'हमें संसद के उच्च सदन के लिए जवाहर सरकार को मनोनीत करते हुए प्रसन्नता हो रही है। सरकार ने लगभग 42 वर्ष सार्वजनिक सेवा में बिताए और प्रसार भारती के पूर्व सीईओ भी थे। सार्वजनिक सेवा में उनका अमूल्य योगदान हमें अपने देश की और भी बेहतर तरीके से सेवा करने में मदद करेगा।'

बता दें कि आंकड़ों के हिसाब से सरकार का राज्यसभा में जाना अब तय माना जा रहा है, क्योंकि यह सीट तृणमूल के ही पास थी। हालांकि भाजपा भी उम्मीदवार उतारेगी, जिसकी घोषणा वह पहले ही कर चुकी है। यदि चुनाव की भी नौबत आती है तो माना जा रहा है कि सरकार आसानी से जीत जाएंगे।

 

Edited By: Vijay Kumar